अच्छे कर्म करना ही सबसे बड़ा धर्म - खट्टर
अच्छे कर्म करना ही सबसे बड़ा धर्म - खट्टर जोधपुर / किशोरी व्यक्तिगत कौशल विकास शिविर मे शुक्रवार को सनातन महासंघ के डा.गौतम खट्टर ने गीता व आध्यात्म विषयक व्याख्यान पर अपने उदबोधन मे कहा कि धर्म व अधर्म की समझ बालिकाओं मे होना आवश्यक हैं । कर्म ही हमारा धर्म हैं। सदैव अच्छे कर्म करना चाहिए। भगद्धद गीता मे कहा गया हैं कि सकारात्मक सोच मनुष्य जीवन को सफल बनाती हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को राजा बनने की प्रेरणा दी ताकि वो धर्म की स्थापना कर सके। बालिकाए हर रोज गीता के दो श्लोक को पढकर उसके भावार्थ का अनुसरण करना चाहिए । रोजना मेडिटेशन की सलाह देते हुए कहा कि जब माला फेरते हैं तब हमारा मन भगवान मे लगा रहता और अच्छी सोच विकसित होती रहती हैं। हमारे बुजुर्ग कहते हैं ज़ो ध्यावे वही फल पावे, यानि जैसा सोचेंगे वैसा होगा। मंत्र की माला 108 बार हम अपनी उत्थान लिए करते हैं। ताकि परमात्मा हमारी सद्बुद्धि बनाए रखे । भगवान गणेश के स्वरूप का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि गजानन्द महाराज का सिर बड़ा, आँखें छोटी, पेट बड़ा हैं ज़ो बुद्धिमता, दूरदृष्टि एवं फिजूल बातों को पचाने के प्रतीक हैं। वे अपनी मूर्ति को निहार कर उनके अनुरूप बनने की प्रेरणा देते हैं। बालिकाओं से बातचीत मे अंजलि बिश्नोई ने बताया कि ज़ो मैं सोचती हूँ वैसा होता हैं। मेनिफेस्ट्रेशन से जीवन मे सकारात्मकता लाने का प्रयास होता हैं। कई बालिकाओं ने शिविर के अनुभव सांझा करते हुए बताया कि यहाँ जीवन में कैसे मजबूत होना हैं और जीवन को सही दिशा मे कैसे ढालना हैं,का प्रशिक्षण मिल रहा हैं। गीता परिवार जोधपुर अध्यक्ष मंजू सोनी ने खट्टर का स्वागत व अभिनंदन किया। शिविर मे बालिकाओं को साड़ी पहनने, बाल संवांरने, ब्यूटीशियन , आत्मरक्षा, भजनकीर्तन, अनुशासन जैसे गुर सिखाए जा रहें हैं। काजल हिन्दुस्थानी ने मेडिटेशन, लव जिहाद, धर्मनांतरण, सामाजिक बुराई से दूर रहने आदि की जानकारी दी। गीता परिवार जोधपुर शाखा अध्यक्ष श्रीमती मंजू सोनी, जिला माहेश्वरी समाज महिला मंडल अध्यक्ष नीलम भूतडा अंजली तापड़िया और चंद्रप्रकाश झंवर महिपाल सिंह शेखावत कांता करवा उमा झंवर संतोष शर्मा,बजरंग सिंह चारण, जोगेंद्र त्रिवेदी, इंद्रराज शर्मा , पूजा राठी, बबिता राठी, राखी डागा,डा प्रतिभा तिवारी, सीमा राठी, सरिता अरोड़ा, संजु झंवर,प्रतिभा दवे कांता जाजू पायुल मंत्री,सहित गीता परिवार के कार्यकर्ता, अभिभावक एवं किशोरियाँ