प्रशिक्षण वर्ग में 118 बहिनों ने लिया भाग

प्रशिक्षण वर्ग में 118 बहिनों ने लिया भाग

राष्ट्र सेविका समिति के 7 दिवसीय प्रारम्भिक प्रशिक्षण वर्ग का समापन

 प्रशिक्षण वर्ग में 118 बहिनों ने लिया भाग

पाली | हिंदू महिलाओं के सबसे बड़े संगठन राष्ट्र सेविका समिति के 7 दिवसीय प्रारम्भिक प्रशिक्षण वर्ग का रविवार को मोतीचंद सेठिया आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय में समापन हुआ। सात दिनों तक चलने वाला प्रशिक्षण वर्ग 30 दिसम्बर से शुरू हुआ था। प्रशिक्षण वर्ग के समापन के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें बहिनों ने शारीरिक बौद्धिक आध्यात्मिक एवं योग यष्टि गण समता पदविन्यास आचार पद्धति विविध विषयों पर बौद्धिक चर्चाएं और खेलों के माध्यम से प्राप्त किये गये प्रशिक्षण का गुणवत्ता पूर्ण प्रदर्शन किया।

वर्गाधिकारी श्रीमती अंजना सरार्फ ने बताया की राष्ट्र सेविका समिति के 7 दिवसीय प्रारम्भिक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन मोतीचंद सेठिया आदर्श विधा मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय,सोजत विद्यालय में 30 दिसम्बर से शुरू हुआ जिसका आज रविवार को समापन किया गया। कड़ाके की सर्दी के बीच 7 दिन तक चलने वाले इस वर्ग में कुल 118 संख्या रही जिसमें पाली विभाग के 3 जिलों के खण्डों से 89 शिक्षार्थी 14 शिक्षिकाएँ 8 प्रबंधिका 3 अधिकारी ने भाग लिया। समापन समारोह कार्यक्रम का शुभारम्भ भारत माता के समक्ष दीप प्रज्वलित व पुष्प अर्पण कर किया गया। समारोह की अध्यक्षता श्रीमती वीणा गुप्ता द्वारा की गयी और मुख्य अतिथि श्रीमती संघमित्रा मौर्य रही मुख्य वक्ता के रूप में जोधपुर प्रांत कि प्रांत शारीरिक शिक्षण प्रमुख सुश्री मोनिका महेश्वरी का पाथेय मिला।

समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए वीणा गुप्ता ने कहा की देश व समाज की चिंता तो हर कोई करता है, सभी के पास बातें व योजनाएँ भी रहती है। पर वास्तव में काम कितने लोग करते है यह एक बड़ा प्रश्न है। राष्ट्र सेविका समिति की शाखाओं व शिविरों में सेविकाएँ राष्ट्र हित के लिए प्रत्यक्ष काम करना व उसके लिए कुशलता अर्जित करना यही प्रशिक्षण ग्रहण करती है। ये वर्ग महिलाओं के जीवन को नई दिशा और आधार प्रदान करते हैं। यहां धार्मिकता के वे बीज बोए जाते हैं जो उन्हें जीवन के इस तथ्य का एहसास कराते हैं कि कोई भी जीवन आत्म-केंद्रित नहीं होना चाहिए बल्कि उसे समाज और मातृभूमि की सेवा के लिए समर्पित होना चाहिए।

मुख्य अतिथि संघ मित्रा

मुख्य वक्ता मोनिका महेश्वरी ने सेविकाओ को संबोधित करते हुए कहा की राष्ट्र सेविका समिति हिंदू महिलाओं का सबसे बड़ा संगठन है। इसकी स्थापना 1936 में विजया दशमी के दिन लक्ष्मी बाई केलकर ने की थी। प्रशिक्षण वर्ग का उद्देश्य माता-बहिनों को स्व संरक्षण व सक्षम बनाना है। यहां महिलाएं सामाजिक समरसता, आत्मनिर्भरता आत्मरक्षा और आत्मसम्मान जैसे गुणों के बारे में सीखती हैं। वर्ग में शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास होता है. शारीरिक शिक्षण से आत्मविश्वास की वृद्धि होती है, आत्मविश्वास से समस्या का समाधान होता है और समस्या समाधान से परिवार, समाज और राष्ट्र स्वसंरक्षणक्षम बनाना हमारा उद्देश्य है। समर्थ परिवार से जागरूक देशभक्त नागरिकों का निर्माण होता है। जागरूक देशभक्त ही राष्ट्र व समाज की समस्या का निराकरण कर सकता है। भारतीय परम्पराओं के अनुसार भारतीय समाज में मातृशक्ति को सदैव ही उच्च स्थान दिया गया है। हम भारतीय तो मातृशक्ति को देवी (माता) के रूप में ही देखते हैं और भारतीय समाज के उत्थान में मातृशक्ति का योगदान सदैव ही उच्च स्तर का रहा है। चाहे वह मातृत्व की दृष्टि से राष्ट्रमाता जीजाबाई का हो, चाहे वह नेतृत्व की दृष्टि से रानी लक्ष्मीबाई का हो और चाहे वह कृत्तत्व की दृष्टि से देवी अहिल्या बाई होलकर का हो। वैसे भी भारतीय समाज में माता को प्रथम गुरु के रूप में देखा जाता है, जो हमें न केवल इस धरा पर लाती है बल्कि हमारे जीवन के शुरुआती दौर में हमें अपने धार्मिक संस्कारों, परम्पराओं, सामाजिक नियमों आदि से परिचित करवाती है। आज की परिस्थितियों के अनुसार भी यदि ध्यान किया जाये तो मातृशक्ति का न केवल ऐतिहासिक दृष्टि से बल्कि वर्तमान में भी देश के सामाजिक, राजनैतिक एवं आर्थिक विकास में उल्लेखनीय योगदान रहता आया है। देश की आधी आबादी होने के नाते भी मातृशक्ति का देश में विभिन्न आयामों के विकास में अपना योगदान देने का अधिकार सदैव ही सुरक्षित रहा है। महिलाओं के नैसर्गिक गुणों का संवर्धन और उन्हें शक्ति के अपार पुंज के रूप में स्थापित करने का पावन कार्य राष्ट्र सेविका समिति द्वारा किया जा रहा है। समिति कई सेवाकार्य कर रही है इनमें महिला छात्रावासों का संचालन निःशुल्क चिकित्सा केंद्रों का संचालन, लघु उद्योग से जुड़े स्वयं सहायता समूहों का गठन साहित्य केंद्रों एवं संस्कार केंद्रों का संचालन, गरीब तबके की बालिकाओं के लिए निःशुल्क ट्यूशन कक्षाओं का आयोजन आदि कार्य शामिल हैं। राष्ट्र सेविका समिति आज देश भर में अनेक शैक्षणिक, स्वास्थ्य एवं स्वावलंबन संस्थाएं चला रही है। विशेष रूप से समाज के पिछड़े अभावग्रस्त और वनवासी क्षेत्रों में सराहनीय कार्य किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की अनाथ बालिकाओं के लिए निःशुल्क छात्रावास और पढ़ाई की व्यवस्था भी समिति द्वारा व्यापक स्तर पर की जा रही है।

नगर कार्यवाहिका श्रीमती ने सभी आगंतुको का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर सेविकाओ के साथ जोधपुर प्रांत की प्रांत सेवा प्रमुख श्रीमती विमला राकांवत,सोजत जिला कार्यवाहिका श्रीमती लक्ष्मी जाट जिला बौद्धिक प्रमुख श्रीमती कुमुद चौहान जिला सम्पर्क प्रमुख चन्द्र किरण जिला सह कार्यवाहिका श्रीमती नीतू जांगिड और शहर की प्रबुद्ध मातृशक्ति उपस्थित रही।