केशवना में पुलिस के अमानवीय व्यवहार का आरोप
केशवना में पुलिस के अमानवीय व्यवहार का आरोप जालौर/एक और जहाँ पुलिस के उच्चाधिकारी आमजन से संवेदनशीलता की बात कर पुलिस को दोस्ताना व्यवहार करने का वादा करते है वही जालोर जिले के बिशनगढ़ में पुलिस की कथित गुंडागर्दी के खिलाफ लोगों का पुलिस का आक्रोश बढ़ता जा रहा हैं।
ब्राह्मण समाज के पदाधिकारियों एवं समाज के लोगों ने विप्र फाउंडेशन ने बैनर जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में बिशनगढ़ थानाधिकारी एएसआई सहित पुलिस दल पर केशवना गांव के एक ब्राह्मण परिवार के साथ में मारपीट की निंदा की गई। साथ ही अमानवीय कार्रवाई के खिलाफ तत्काल निलंबन और न्यायिक की मांग की. फाउंडेशन का आरोप है कि 29 अक्टूबर को करीब डेढ़ बजे बिशनगढ़ थानाधिकारी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल समाजकंटकों के साथ मिलकर कैलाश वैष्णव के घर में घुस गया।
घर में महिलाओं और बच्चियों के साथ मारपीट गाली-गलौज की। फिर महिलाओं को बालों से घसीटते हुए पुलिस गाड़ी में डालकर थाने ले जाने की घटना की। इस दौरान पुलिस ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे और बच्चियों के मोबाइल फोन भी तोड़ दिए।
समाज के लोगों का कहना है कि पुलिस का यह व्यवहार रक्षक की भूमिका से भक्षक बनने जैसा है जो अस्वीकार्य है। ज्ञापन में मांग की गई कि बिना किसी न्यायिक आदेश या वारंट के घर में घुसकर महिलाओं और बच्चों के साथ की गई इस अमानवीय कार्रवाई में शामिल थानाधिकारी एएसआई एवं अन्य पुलिसकर्मियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जाए। साथ ही समाजकंटकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने की मांग की हैं.