राज्य स्तरीय उपवास से राजस्थानी भाषा मान्यता की मांग को व्यापक समर्थन मिला

राज्य स्तरीय उपवास से राजस्थानी भाषा मान्यता की मांग को व्यापक समर्थन मिला

*राजस्थानी युवा लेखक संघ, बीकानेर*

*राज्य स्तरीय उपवास से राजस्थानी भाषा मान्यता की मांग को व्यापक समर्थन मिला*

रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही 

बीकानेर, 21 फरवरी, 2026

 राजस्थानी युवा लेखक संघ एवं प्रज्ञालय संस्थान द्वारा आज विश्व मातृभाषा दिवस के अवसर पर करोड़ों लोगों की मातृभाषा राजस्थानी को संवैधानिक मान्यता एवं प्रदेश की दूसरी राजभाषा घोषित करने की महत्वपूर्ण वाजब मांग के साथ-साथ नई शिक्षा नीति के तहत प्राथमिक शिक्षा का माध्यम राजस्थानी हो इसको लेकर आज एक दिवसीय राज्य स्तरीय उपवास रखा गया है। यह राज्य स्तरीय उपवास अपने आप में नव पहल एवं नवाचार रही।

 राजस्थानी भाषा मान्यता आदंोलन के प्रवर्तक एवं वरिष्ठ साहित्यकार कमल रंगा ने बताया कि आज प्रदेश भर में करीब 25 जिलों में सैकड़ों साहित्यकारों, संस्कृतिकर्मियों, शिक्षाविद् एवं राजस्थानी समर्थकों ने इन मांगों का उपवास रखकर समर्थन किया। रंगा ने उपवास समापन के अवसर पर कहा कि भाषा की मान्यता बौद्धिक विरासत को संरक्षित कर उसकी पहचान दिलाती है। भाषा हमारी संस्कृति की संवाहक तो है ही, साथ ही करोड़ों लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ती भी है। ऐसे में इसके संरक्षण और संवर्द्धन के लिए इन मांगों को राज्य स्तरीय पर उठाना उचित है।

 रंगा ने आगे बताया कि इस प्रदेश स्तरीय उपवास के संयोजक वरिष्ठ साहित्यकार अब्दुल समद राही द्वारा संपूर्ण राज्य की ओर से एक ज्ञापन मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम एस.डी.एम. सोजत (पाली) के माध्यम से दिया गया। जिसके माध्यम से उक्त मांगों को शीघ्र पूर्ण करने की मांग की गई।

 रंगा ने बताया कि आज के इस राज्य स्तरीय उपवास में प्रदेश भर के राजस्थानी समर्थकों ने बडे़ उत्साह के साथ अपनी सहभागिता निभाते हुए राज्य स्तर पर दिए गए ज्ञापन को अपना समर्थन व्यक्त किया। जिसमें प्रमुख रूप से बीकानेर से साहित्यकार कमल रंगा, बुलाकी शर्मा, क़ासिम बीकानेरी, गिरिराज पारीक, इन्द्रा व्यास, जुगलकिशोर पुरोहित, डॉ. नरसिंह बिन्नानी, ज़ाकिर अदीब, वली गौरी, पुनीत कुमार रंगा एवं समाजसेवी भंवरलाल व्यास, चंपालाल गहलोत, धनेश मारकर, कन्हैयालाल, तोलाराम सारण, शिक्षाविद् डॉ. फारूख चौहान, राजेश रंगा, भवानी सिंह, हेमलता व्यास, पुष्पा देवी, हरिनारायण आचार्य, के साथ एड. गंगाबिशन बिश्नोई, महावीर सांखला, आनन्द गौड़, राजेश गुप्ता ने उपवास रख मांगों का समर्थन किया। इसी तरह सोजत सिटी से अब्दुल समद राही, विरेन्द्र लखावत, रामस्वरूप भटनागर, नवनीत राय रुचिर उमाशंकर द्विवेदी पेन्टर दलपत हरीशचंद्र व्यास सत्तूसिंह भाटी फौजी अशोक सेन डॉ रशीद गौरी राजेन्द्र व्यास, पाली से पवन कुमार पाण्डे, पन्नालाल कटारिया, जोधपुर से वाजिद हसन क़ाजी, डॉ. छगन राव, डॉ. दीपा परिहार, रजनी अग्रवाल, कोटा से बद्री प्रसाद मेहरा, रामकरण प्रभाती, हलीम आईना, उदयपुर से हेमलता दाधीच, जयपुर से सुमीत रंगा, सीमा मनानी, निशा माथुर, करोड़ा श्रीवास्तव, झुंझनू से लियाकत अली, रावतसर से डॉ. विजय कुमार पटेल, जैसलमेर से राम लखारा विपुल, अलवर से सुभाष शुक्ला, राजसमंद से किशन कबीरा, नारायण राव, चित्तौडगढ़ से राजकुमार जैन, बूंदी से जयसिंह आशावत, बारां से जितेन्द्र शर्मा, बांसवाड़ा से सतीश आचार्य, अजमेर से अन्नू अग्रवाल, नागौर से पवन पहाड़िया, जावेद नागौरी, मेड़ता से कालू खां देशवाली, टोंक से महबूब अली सहित अन्य जगहों से भी राजस्थानी समर्थकों ने उपवास रख मांग के ज्ञापन का व्यापक समर्थन किया।