संगीतमय रामलीला के प्रथम दिन मंच पर रामायण का पूजन

संगीतमय रामलीला के प्रथम दिन मंच पर रामायण का पूजन

संगीतमय रामलीला के प्रथम दिन मंच पर रामायण का पूजन

वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही 

पाली । श्री रामलीला कमेटी की ओर से मंचित की जानेवाली 50 वीं संगीतमय रामलीला के प्रथम दिन मंच पर रामायण का पूजन कर मुख्य अतिथि पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख व विशिष्ट पुर्व सभापति महेंद्र बोहरा, शिवलाल प्रजापति, विकास बुबकिया, अशोक बाफना अतिथियों पुएवं कमेटी के अध्यक्ष जीवराज चौहान श्री रामलीला कमेटी के उपाध्यक्ष हीरालाल व्यास, एम एम बोडा, प्रकाश चौधरी, निर्देशक हरिचरण वैष्णव, सह निदेशक गणेश परिहार, द्रारा पर्दा उठाया गया। गणपति वन्दना से नाटयमंच का शुभारंभ किया , रावण,कुम्भकर्ण,विभिषण वन मे वरदान प्राप्ति हेतु तपस्या करते है।उधर मुत्युलोक मे नारद का आगमन होता है। नारद यह यह दृश्य देख चंकित हो जाता है ,सोचता है की यह तीनों वरदान हेतु तपस्या कर रहे है, कुम्भकर्ण अधिक जागने का वर प्राप्त कर लिया तो सब कुछ चोपट हो जायेगा ।वो पिता बह्मा के पास जाता है सब बात बताता हे। पिता बह्मा जी सरस्वती जी को बुलाकर कर सब समझते है। अगला दृश्य मे रावण का वन मे आकर वैधवती को अपवित्र करना वैधवती द्रारा रावण को श्राप देना कहती है मै अगले जन्म मे तेरी मुत्य का कारण बनुगी । तत्पश्चात राजा दशरथ शिकार के धोके मे श्रवण की हत्या हो जाती है ।श्रवण के पिता शान्तनु द्वारा राजा दशरथ को श्राप देते हे।नारद का भगवान विष्णुजी के पास जाकर पुछते हे भगवन आपकी लीला मे समझा नही रावण को वैधवती से श्राप दिलाया है,आप मुझ से श्राप लेते है ,श्रवण के पिता राजा दशरथ को श्राप देते है यह क्या लीला है। कमेटी के अध्यक्ष जीवराज चौहान ,एम एम बोडा, सहसचिव नीलम बंसल, कोषाध्यक्ष सुनील रामावत,निर्देशक हरिचरण वैष्णव ,सह निर्देशक गणेश परिहार, मुकेश नागर,पुरणचंद परमार, हिरालाल व्यास, हरिचंद्र हेड्डा सहित ने सहयोग किया। कलाकार घनश्याम भाटी, माँगुसिहँ दुदावत, नितेश प्रजापत, जयेश शर्मा, लक्की खान, अंकित वैष्णव, देवीलाल पंवार, ज्ञानचंद राठौड़, मांगीलाल तंवर, हितेश,कमलनाथ,कंचन, अंजलि,जया जोशी, कशिश,गोपाल, जगदीश ,ने सुन्दर मंचन किया ।