ग्रीष्मावकाश सहित समस्त अवकाश रखे यथावत

ग्रीष्मावकाश सहित समस्त अवकाश रखे यथावत

ग्रीष्मावकाश सहित समस्त अवकाश रखे यथावत

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ खंड पाली ने उपखंड अधिकारी को सौपा ज्ञापन

पाली 14 मई। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) खंड-पाली ने विषय शिक्षकों की समस्याओं का निस्तारण की मांग को लेकर गुरूवार को मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री के मार्फत उपखण्ड अधिकारी पाली विमलेन्द्र सिंह राणावत को ज्ञापन सौपा।

      जिला मंत्री ओमप्रकाश कुमावत एवं पाली खंड अध्यक्ष नरेश सेन ने बताया कि अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) द्वारा शिक्षा व शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं पर सरकार का समय समय पर ध्यान आकर्षण करते हुए शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण का प्रयास किया। लेकिन प्रदेश की सरकार और उसके अधिकारियों की हठधर्मिता और उदासीनता के कारण सरकार के दो वर्षों से अधिक के कार्यकाल में भी शिक्षकों के ज्वलंत मुद्दों का समाधान नही होने से उनमे रोष हे।

 ये रखी प्रमुख मांगे- खंड मंत्री अजयपाल सिंह ने बताया कि ज्ञापन मे शिक्षकों को मिलने वाले ग्रीष्मावकाश सहित समस्त अवकाश यथावत रखने,सत्र 2026-27 के लिए जारी शिविरा कैलेण्डर में संशोधन करने, तृतीय वेतन श्रृंखला सहित शेष सभी संवर्गो के स्थानान्तरण करने,

 तृतीय श्रेणी शिक्षकों की विगत वर्षों से लंबित पदौन्नतियों करने,2019 से अब तक क्रमौन्नत समस्त विद्यालयों में पदों की वित्तिय स्वीकृति जारी कर स्टाफिंग पैटर्न के अनुसार पद सृजित कर पदस्थापन किया जाये तथा शिक्षकों को समस्त गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने,आरजीएचएस को सुचारू रूप से जारी रखा रखने,प्रबोधक एवं तृतीय वेतन श्रृंखला शिक्षकों की वेतन विसंगति को दूर करने,संविदा शिक्षकों को नियमित करने के साथ ही संगठन के लम्बित मांगपत्र के बिन्दूओं पर चर्चा कर समाधान की मांग की गई।

 ये रहे मौजूद - इस मौके पर पूर्व खंड अध्यक्ष भगवान सिंह, शैलेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष भीखाराम, जगपाल सिंह, शक्ति सिंह, प्रद्युम्न सिंह, दुदाराम सोलंकी, पाबूराम, मुकेश कुमार, राजेंद्र जैन, विपुल सोनी, लक्ष्मी नारायण, विकास, विष्णु किंजा, अनीता सोनगरा, कविता बिश्नोई कैलाश, रेखा कुमावत, मंगल सिंह जयंती प्रसाद शर्मा नेमीचंद पालीवाल हरीश राजपुरोहित प्रवीण वैष्णव लक्ष्मण कुमार कमलेश प्रताप राम राकेश कुमार दवे सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।