पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा का x हैंडल पर ट्वीट*
*पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा का x हैंडल पर ट्वीट*
*नीट पेपर लीक पर देश को ये सच जानना चाहिए.*
केवल NEET 2026 नहीं... NEET 2024 का भी पेपर लीक हुआ था, और NEET 2025 पर भी गंभीर सवाल उठे थे।
जयपुर / BJP के पेपर लीक सरगनाओं ने 2024 से 2026 तक नीट परीक्षा के पेपर लीक किए। जानकारी मिल रही है कि इन सरगनाओं ने NEET 2024-2025 में परिवार के 4 बच्चों का सलेक्शन कराया। जिनमें से 2 बच्चे BJP पदाधिकारी आरोपी मांगीलाल बिंवाल के बताए जा रहे हैं।
विकास बिंवाल पुत्र मांगीलाल बिंवाल- सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज प्रगति बिंवाल पुत्री मांगीलाल बिंवाल- दौसा मेडिकल कॉले. दिव्य बिंवाल पुत्र स्व. घनश्याम बिंवाल- SMS मेडिकल कॉलेज, जयपुर
सानिया बिंवाल पुत्री स्व. घनश्याम बिंवाल- बॉम्बे मेडिकल कॉलेज
मांगीलाल उन्हीं 2 आरोपियों में से एक ही जिसे NEET पेपर लीक के मामले में दिनेश बिंवाल के साथ गिरफ्तार किया है, जबकि स्व. घनश्याम बिंवाल आरोपी के बड़े भाई का नाम हैं।
यानि NEET परीक्षा 2024-2025 के भी पेपर बेचें गए, पेपर आउट करके परिवार को 4 बच्चों का चयन कराया गया। तब देशभर में नीट पेपर लीक का मामला उठा, और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। हालांकि केंद्र सरकार और NTA ने हलफनामा देकर व्यापक लीक से इनकार किया, तब सुप्रीम कोर्ट ने इसे स्थानीय स्तर लीक बताकर पूरी परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया था।
नीट मामले मे डोटासरा का क्ष पर टिवट नीट पेपर मामले मे हुई गिरफ्तारियों के बाद NEET परीक्षा 2024-2025 में पेपर लूटकर परिवार के बच्चों का चयन कराने और बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। CBI को इसकी भी जांच करनी चाहिए।
सच्चाई ये है कि भाजपाई सत्ता के संरक्षण में राजस्थान में NEET पेपर लीक का ये सिलसिला 2024 से चला आ रहा है। लाखों युवाओं के सपनों को कुचला गया है। BJP के इन सरगनाओं पर सिर्फ पेपर बेचने के आरोप नहीं हैं, बल्कि पेपर आउट करके "पूरे परिवार को सेट" किया है।
ये भाजपा की संगठित पेपर लूट की सच्चाई है, जिसमें पेपर आउट करके "अपने" बच्चों का भविष्य बनाया गया, और लाखों रुपए में पेपर बेचकर भाजपा नेताओं की तिजोरी भरकर युवाओं के सपनों व मेहनत की हत्या की गई। ये तो केवल उन बच्चों के नाम हैं, जो इन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सामने आए हैं, पिछले 2-3 वर्ष में न जाने कितने भाजपा नेताओं ने पेपर चोरी करके अपने परिवार के बच्चों का चयन कराया, और आम जनता के मेहनतकश बच्चे देखते रह गए। ये सरासर धोखा हुआ है, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
पेपर लीक के आरोपी दिनेश बिंवाल और मांगीलाल बिंवाल के भाजपा में रहते हुए सत्ता से संबंधों एवं संरक्षण में हुआ ये खेल उच्च स्तरीय या JPC जांच का विषय है। क्योंकि परत-दर-परत सामने आ रहे तथ्य बता रहे हैं कि पेपर लीक के इस खेल में भाजपा के कई बड़े किरदार और भी हैं। अभी तो सिर्फ आरोपियों की बड़े नेताओं के साथ तस्वीरें सामने आ रही हैं, असली खुलासे होने बाकी हैं।