568वां जोधपुर स्थापना दिवस समारोह पूर्वक आयोजित हुआ*

568वां जोधपुर स्थापना दिवस समारोह पूर्वक आयोजित हुआ*
568वां जोधपुर स्थापना दिवस समारोह पूर्वक आयोजित हुआ*

*568वां जोधपुर स्थापना दिवस समारोह पूर्वक आयोजित हुआ*

*मारवाड़ वीर शिरोमणी सम्मान सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्यों के लिए 19 प्रतिभाएं को मिला मारवाड़ रतन सम्मान*

*जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह शाहपुरा के मुख्य आतिथ्य ,महाराजा गज सिंह की अध्यक्षता व महारानी हेमलता राज्ये जी के विशिष्ट आतिथ्य में हुआ समारोह*

*सर्वोच्च बलिदान देने वाले परमवीर मेजर शैतान सिंह को मिला वीर शिरोमणि सम्मान*

*राजस्थानी भाषा को मान्यता मिलेगी तभी संस्कृति बची रहेगी* -

        महाराजा गज सिंह

जोधपुर 12 मई । जोधपुर का 568 वॉ स्थापना दिवस मंगलवार को गरिमामय समारोह में आयोजित हुआ । मुख्य समारोह मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में हुआ । जोधपुर के संस्थापक राव जोधा जी ने 12 मई 1459 को महरानगढ़ दुर्ग की नींव रखी थी ।

     समारोह के मुख्य अतिथि जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह शाहपुरा ने अपने उद्बोधन में कहा कि जोधपुर शहर का गौरवशाली इतिहास है । राव जोधा जी ने अपनी वीरता ,शौर्य व पराक्रम के बल पर जोधपुर की स्थापना की । उनके बाद के शासको ने यहां की उस परंपरा को आगे बढ़ाया । आज के दिन हम सभी उनको नमन करते हैं ।मारवाड़ का इतिहास गौरवशाली इतिहास है ।यहां की कला ,संस्कृति व साहित्य समृद्ध है ।उन्होंने इस अवसर पर सम्मानित होने वाली सभी प्रतिभाओं को बधाई दी ।उन्होंने कहा कि महाराजा गज सिंह की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अलग पहचान व व्यक्तित्व है ।सभी स्तर पर सम्माननीय है । जनता से इनका सीधा जुड़ाव बना हुआ है,यह समारोह को देखकर स्पष्ट होता है ।

      समारोह के अध्यक्ष महाराजा गज सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज के दिन जोधपुर के संस्थापक राव जोधा जी का स्मरण करते हैं ।हमारे पूर्वजों व वीर शहीदों का स्मरण करते हैं । राव जोधाजी ने 568 वर्ष पूर्व जोधपुर शहर को बसाया । जोधपुर शहर ने समय के साथ विकास की नई ऊंचाइयां छुई है । उन्होंने इस अवसर पर कहा कि वर्षों से राजस्थानी भाषा की मान्यता को लेकर मांग चल रही है , आठवीं अनुसूची में शामिल करने की लगातार मांग हो रही है ,लेकिन अभी तक यह कार्य नहीं हुआ है ।उन्होंने कहा की राजस्थानी भाषा हमारी संस्कृति से जुड़ी हुई है ।जब भाषा को ही मान्यता नहीं होगी तो संस्कृति कैसे बचेगी । इस अवसर पर राजस्थानी भाषा को मान्यता नहीं मिलने के संबंध में उनकी पीड़ा स्पष्ट नजर आई । उन्होंने समारोह के मुख्य अतिथि जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह शाहपुरा से भी इस अवसर पर कहा कि वह भी राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए अपने सार्थक प्रयास करें ।उन्होंने इस अवसर पर जोधपुर शहर की स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण के संबंध में बात करते हुए कहा कि सरकार व नागरिक दोनों को मिलकर यह कार्य करना होगा तभी हमारा शहर स्वच्छ व सुंदर बना रह पाएगा ।आने वाले पर्यटकों पर भी इसका अच्छा प्रभाव पड़ेगा । उन्होंने कहा कि आधुनिकता के विकास के साथ-साथ हमें हमारी संस्कृति, इतिहास और हेरिटेज को बचाए रखना है ,तभी विकास की सार्थकता बनी रह सकती है । उन्होंने मारवाड़ रतन से सम्मानित हुई प्रतिभाओं की सराहना करते हुए कहां की राजस्थान व मारवाड़ की प्रतिभाएं देश-विदेश में हर क्षेत्र में अपना नाम रोशन कर रही है जिन पर हम सभी को गर्व है । समारोह में महारानी हेमलता राज्ये व रानी भुवनेश्वरी कुमारी शाहपुरा की गरिमामय उपस्थित रही ।

*मारवाड़ रतन सम्मान से विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाएँ हुई सम्मानित*

    महरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के प्रशासनिक अधिकारी कर्नल अजय सिंह शेखावत ने बताया की समारोह में विशेष सम्मान सहित कुल 19 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया ,जिनमें परमवीर चक्र से सम्मानित मेजर शैतानसिंह भाटी के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में उनके द्वारा रेजांगला में अदम्य वीरता, सर्वोच्च

बलिदान, मातृभूमि की रक्षार्थ प्राण न्यौछावर करने और राष्ट्र को गौरवान्वित करने के उपलक्ष्य में अमर शहीद परमवीर मेजर शैतानसिंह को "मारवाड़ वीर शिरोमणी सम्मान" दिया ,यह पुरस्कार उनके पुत्र नरपत सिंह भाटी ने प्राप्त किया ।अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध कृषि विशेषज्ञ एवं कृषि संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणीय एवं विशिष्ट कार्यों से लाखों किसानों को सशक्त बनाने के क्षेत्र में स्थायी महत्व की दीर्घकालीन उच्च स्तरीय उत्कृष्ट सेवाओं के उपलक्ष्य में डॉ. एम.एल. जाट को राव सीहा सम्मान, अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर विदेशी मूल के नागरिक द्वारा मारवाड़ के लिए स्थायी महत्व की सेवाओं के लिए मिस्टर एलन वैबर को महाराज सर प्रतापसिंहजी सम्मान, समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए श्री श्याम कुम्भट को राव जोधाजी सम्मान, विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. ईशा दीक्षित व डॉ. प्रणव दीक्षित को महाराजा हनवन्तसिंह सम्मान, सामान्य नागरिक अथवा रक्षाकर्मियों के लिए असाधारण बहादुरी एवं अद्वितीय शौर्य के क्षेत्र में विंग कमाण्डर दीपिका मिश्रा को मेजर दलपतसिंह (एम.सी.) सम्मान, राजस्थानी लोक संगीत एवं जातीय संगीत की विद्या और मौखिक परम्पराओं के उन्नयन में स्थायी महत्व के दीर्घकालीन उच्च स्तरीय योगदान के लिए प्रो. जॉन डी. स्मिथ को पद्मभूषण कोमल कोठारी सम्मान, संरक्षण, जीर्णोद्धार, डिजाइन और पारम्परिक कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय योगदान हेतु कंजर्वेटर मैमुना नरगिस जैदी को कुंवर करणीसिंह जसोल सम्मान, राजस्थानी लोक संगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उमर मोहम्मद को महाराजा विजयसिंह सम्मान, शिक्षा एवं राजस्थानी साहित्य लेखन के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं दीर्घकालीन उच्चस्तरीय योगदान के लिये डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी को महाराजा मानसिंहजी सम्मान, पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्मश्री श्यामसुन्दर पालीवाल को एच.एच. महाराजा उम्मेदसिंह सम्मान, महिला सशक्तिकरण की दिशा में उत्कृष्ट योगदान एवं स्थायी महत्व की दीर्घकालीन उच्च स्तरीय सेवाओं के लिए श्रीमती सरिता राठौड़ को राजदादीसा बदन कंवर भटियाणीजी सम्मान, बालिका शिक्षा के क्षेत्र में की गई स्थायी महत्व की दीर्घकालीन उच्च स्तरीय सेवाओं के लिए मोहनसिंह राठौड़ को एच.एच. राजमाता कृष्णाकुमारी सम्मान, क्षेत्रीय संस्कृति और विरासत संरक्षण एवं संवर्द्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्रीमती झीमा देवी को एच.एच. महाराजा गजसिंहजी (द्वितीय) सम्मान, पैरा एथलेटिक्स व ताइक्वांडो खेल के क्षेत्र में राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर किये गये उत्कृष्ट प्रदर्शन के उपलक्ष्य में संदीपसिंह मान को चिरंजीव युवराज शिवराजसिंहजी सम्मान, ओरण एवं थार का पर्यावरण, लोक संस्कृति, रेगिस्तानी, आदिवासी भील, हस्तशिल्प विषयों पर शोधपूर्ण लेखन व पत्रकारिता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. भुवनेश जैन को मुहता नैणसी सम्मान, जैसलमेर बस अग्निकाण्ड दुर्घटना में कुछ लोगों की जान बचाने के शौर्यपूर्ण कार्य के उपलक्ष्य में श्री रफीक खान को राजाराम मेघवाल सम्मान, राजस्थानी भाषा और साहित्य को बढ़ावा देने के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिये नागराज शर्मा को पद्मश्री सीतारामजी लालसजी सम्मान एवं राजस्थानी भाषा (काव्य) साहित्य के उन्नयन में स्थायी महत्व की दीर्घकालीन उच्च स्तरीय सेवाओं के उपलक्ष्य में डॉ. मंगत बादल को डॉ. नारायणसिंह भाटी 'मालूंगा' सम्मान से सम्मानित किया गया ।

*तीन पुस्तकों का हुआ लोकार्पण*

जोधपुर स्थापना दिवस समिति के सचिव डॉ महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि मुख्य समारोह में तीन पुस्तकों का लोकार्पण किया जायेगा जिसमें डॉ. महेन्द्रसिंह तंवर द्वारा लिखित व रिड़मलोत समाज विकास एवं कल्याण ट्रस्ट मारवाड़ द्वारा प्रकाशित 'रिडमलोत राठौड़ों का गौरवशाली इतिहास", मेजर चन्द्रकान्तसिंह द्वारा लिखित पुस्तक 'मिरेकल एट हाईफा-दी मास्टर एण्ड दी महाराजास' एवं प्रो. एल.एन. हर्ष द्वारा लिखित पुस्तक "ए रॉयल ट्री ऑफ मारवाड़ स्टेट प्रोसोपिस जुलिफ्लोरा हिस्टोरिकल इण्टरोडक्शन, इकॉलोजी, मैनेजमेण्ट एण्ड यूटीलाईजेशन्स" का लोकार्पण किया गया ।

*राव जोधा के फलसे की हुई पूजा*

  महरानगढ़ दुर्ग में प्रातः गज सिंह के द्वारा राव जोधा के फलसे की पूजा अर्चना की गई ।

*वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि एवं पुष्पांजलि*

12 मई को प्रातः महाराजा गज सिंह जी ने स्व. ताराचंदजी, एस.पी. पुलिस एवं स्व. मेजर शैतानसिंह की पावटा चौराहे स्थिति प्रतिमा, किले के जयपोल के बाहर स्थित मारवाड़ के अमर वीर शहीद, जसवन्तथड़ा स्थित राव जोधाजी की अश्वारूढ़ मूर्ति, गुमानसिंह राजपुरोहित, इन्दराजजी की छतरी, ठा. श्याम चौहान राखी, जयपोल के बाहर गणेशजी की मूर्ति, दुर्गादासजी खीची, तत्पश्चात् जयपोल के भीतर करतसिंह सोढ़ा की छतरी, बहादुरसिंह तँवर की तस्वीर, शहीद भूरे खाँ की मजार एवं राजाराम मेघवाल के स्मृति स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की गई ।

*मारवाड़ रतन से सम्मानित हुए श्याम कुंभट ने 33 लाख 55 हजार के चेक महाराजा गज सिंह जी के हाथों प्रदान करवाये*

   समारोह में मारवाड़ रतन से सम्मानित हुए व भामाशाह श श्याम कुम्मट द्वारा 7 संस्थाओं स्वास्थ्य चेतना प्रन्यास, दीप मेंटली चैलेंज्ड, गीता परिवार, नवजोत मनोविकास केंद्र, विकलांग पुनर्वास एवं प्रशिक्षण संस्थान ,कलाम हॉस्टल सोसायटी जोधपुर व सेवा भारती संस्थान को दिए आर्थिक सहयोग के 33 लाख 55 हजार के चेक महाराजा गज सिंह जी के हाथों वितरित करवाएं ।

 

*संगीत की दी प्रस्तुति*

    समारोह में हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में मास्टर्स, पीएचडी प्राप्त व हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की बनारस घराने की प्रमुख प्रतिपादक पद्मश्री से सम्मानित, बनारस गायन में विशेषज्ञ और ठुमरी, टप्पा, होरी, चौती, कजरी, कंकतं और ग़ज़ल में सिद्धहस्त शास्त्रीय संगीत गायिका डॉ. सोमा घोष द्वारा एवं जोधपुर राजपरिवार के राजनगारची एवं माण्ड गायक व नगारा वादक उमर मोहम्मद द्वारा संगीत की प्रस्तुति दी गई।

*निबन्ध एवं चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को मिले प्रमाण पत्र*

    उम्मेद भवन पैलेस के पीआरओ राजेंद्र सिंह राठौड़ लिलियां ने बताया कि जोधपुर के स्थापना दिवस के अवसर पर जोधपुर के विभिन्न विद्यालयों में आयोजित निबन्ध एवं चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं राजमाता कृष्णाकुमारी गर्ल्स पब्लिक स्कूल, मयूर स्कूल चौपासनी, सैनिक श्री हनवन्त सीनियर सैकेण्डरी अंग्रेजी माध्यम स्कूल चौपासनी, दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, ब्रिगेडियर जब्बरसिंह सीनियर सेकेण्डरी स्कूल बीजेएस, और विद्याश्रम ग्लोबल स्कूल, जोधपुर के छात्र छात्राओं को महाराजा गज सिंह द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किए गये।

  प्रारंभ में अतिथियों ने राव जोधा जी व राजमाता कृष्णा कुमारी जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित किया । स्वागत उद्बोधन जोधपुर स्थापना दिवस समिति के सचिव डॉ महेंद्र सिंह तंवर ने व्यक्त किया एवं संचालन नेमीचंद ने किया ।अंत में मेहरानगढ़ बैंड द्वारा राष्ट्रगान की धुन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ ।