परिक्रमा पहुंची बेरी गंगा

परिक्रमा पहुंची बेरी गंगा
परिक्रमा पहुंची बेरी गंगा

*महारानी हेमलता राज्ये चौथे दिन  भौगीशैल  परिक्रमा पदयात्रा में 10 किलोमीटर पैदल चली* परिक्रमा पहुंची बेरी गंगा 

*प्रातः 4 बैजनाथ से मंडल नाथ,कुंडली माता,तनोट माता बीएसएफ, जोगी तीर्थ और दईजर माता व बेरीगंगा मंदिरों में पहाड़ी व पथरीले रास्ते से चलकर किए दर्शन*

    जोधपुर,29 मई ।  भौगीशैल परिक्रमा के चौथे दिन महारानी हेमलता राज्ये ने प्रातः 4 बजे से 8:15 बजे तक 10 किलोमीटर घोर अंधेरे से उजाले तक पथरीले, पहाड़ी व तंग रास्ते पर पैदल चलकर परिक्रमा करते हुए अनेक मंदिरों में दर्शन किए व मारवाड़ की खुशहाली की प्रार्थना की ।

 *प्रातः 4 बजे बैजनाथ से शुरू की परिक्रमा*

 महारानी हेमलता राज्ये जी ने प्रातः 4 बजे सैनाचार्य अचलानंद गिरी महाराज के साथ बैजनाथ मंदिर से परिक्रमा शुरू की ।उस समय घोर अंधेरा था,रास्ता भी पूरी तरह पथरीला था ,पर मन में आस्था और दृढ़ विश्वास  के आगे कठिन डगर भी सरल लग रही थी । रास्ते में आने वाले मंदिरों में पूरे विश्वास के साथ में दर्शन करके मारवाड़ी की खुशहाली की प्रार्थना की ।बेरीगंगा तक पूरा रास्ता पहाड़ी उतार चढ़ाव वाला था,लेकिन महारानी हेमलता राज्ये परिक्रमा के अन्य श्रद्धालु महिलाएं व पुरुषों के साथ  पूर्ण मनोयोग के साथ में परिक्रमा करती  है । परिक्रमा में साथ   चलने वाली महिलाओं द्वारा गाए जाने वाले भजनों को पूरी तलीनता के साथ सुनती हुई भक्ति भाव से आगे बढ़ती जाती । पूरी परिक्रमा में सामान्य श्रद्धालु की तरह अपना व्यवहार और भाव रखती है ।

    *परिक्रमा रास्ते में स्वागत सत्कार होता रहा*

  महारानी हेमलता राज्ये व सैनाचार्य अचलानंद गिरि महाराज का परिक्रमा मार्ग पर अनेक जगहों पर स्वागत सत्कार हुआ । कहीं दुपट्टा , शॉल ओढा कर , मालाएँ पहनाकर । जगह-जगह चाय शरबत,फल,फ्रूट क्रीम ,पानी वे नाश्ते की मनवार होती रही ।पहाड़ी मार्ग पर अनेक जगह यह व्यवस्था सेवाभावी लोगों द्वारा कर रखी थी ।

  *परिक्रमा रास्ते में इन मंदिरों में किए दर्शन*

   परिक्रमा रास्ते में पहले मंडलनाथ मंदिर, फिर कुंडली माता मंदिर,बीएसएफ तनोट माता मंदिर,जोगी तीर्थ में शिव मंदिर, दईजर माता मंदिर व सबसे अंत में बेरी गंगा शिव मंदिर में दर्शन कर भेंट चढ़ाई ।

*बेरीगंगा से पहले राज्यसभा सांसदने की अगवानी*

  बेरी गंगा पहुंचने से पहले रास्ते मेंराज्यसभा सांसद  राजेंद्र गहलोत ने महारानी हेमलता राज्ये जी की अगवानी की ।उन्होंने महारानी हेमलता राज्ये' व सैनचार्य अचलानन्द गिरी महाराज द्वारा की जा रही पैदल परिक्रमा पदयात्रा की सराहना की । 

*शनिवार को परिक्रमा का रास्ता यह रहेगा*

   शनिवार 30 मई को महारानी हेमलता राज्ये जी सैनाचार्य अचलानंद जी के सानिध्य में प्रातः 4 बजे बेरी गंगा से परिक्रमा पदयात्रा शुरू करेगी व मंडोर तक परिक्रमा होगी ।

  उम्मेद भवन पैलेस के पीआरओ राजेन्द्रसिंह राठौड़ लिलिया ने बताया -इनकी परिक्रमा पदयात्रा की व्यवस्थाएं महरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी किशनवीर सिंह राठौड़ व जनरल मैनेजर करण सिंह भाटी द्वारा की जाती है ।  परिक्रमा में रघुवीर सिंह खारिया,महिपाल सिंह गंठिया भी साथ थे । भौगी सेल परिक्रमा के आयोजन सचिव विष्णु प्रजापति  हिंदू सेवा मंडल के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के साथ परिक्रमा की व्यवस्था में लगे हुए थे ।

 भोगीशेली परिक्रमा ध्वज के साथ बेरी गंगा तीर्थ पहुंची। जहाँ श्रधांलुओं ने स्नान कर महादेव व देवताओं का पूजन किया गया सेनाचार्य एवं पूर्व महारानी हेमलता राजे संग चल रही थी । बैधनाथ से दहीजर  माताजी के दर्शन किए। इस मौके पर पुजारी सुरेश एवं बेरा मंदिर के योगेश्वर त्रिवेदी ने श्रद्धालुओं को पूजन करवाया इस मौके पर बबलू भाई, श्रीमती संतोष त्रिवेदी, पूजा राठी, दर्शित राठी सहित भक्त मौजूद रहें। परिक्रमा मे पुरुष से ज्यादा महिलाऐं नजर आई।कल सवेरे यात्रा मंडोर पहुंचेगी। रात्रि विश्राम भी यही होगा। मंडोर रास्ते मे निःशुल्क सेवा,ठंडाई  सब्जी-पूरी पानी,मेडिकल सेवा चंद्रा मोटर्स, मंडोर पुलिस चौकी के पास, मंडोर मे दी जाएगी जहाँ गीता परिवार सदस्य सेवाएं देंगे ।