50 लाख की लागत से बने कार्यों का भामाशाह ने किया उद्घाटन

50 लाख की लागत से बने कार्यों का भामाशाह ने किया उद्घाटन

सवराड़ गौशाला में प्याऊ, गौ प्रतिमा, टीन शेड का हुआ शुभारंभ।

50 लाख की लागत से बने कार्यों का भामाशाह ने किया उद्घाटन

वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही 

सोजत रोड़ के समीप सवराड़ में श्री रूप रजत शिव गौशाला शिवराजपुर सवराड़ में एक डोम, प्याऊ, गौमाता की प्रतिमा का भामाशाह परिवार द्वारा किया उद्घाटन।

 गोशाला अध्यक्ष चिमनाराम सिरवी ने बताया की पंडित द्वारा विधि विधान से वैदिक मंत्रों उच्चारण के साथ गौमाता की पूजा कर ढोल नगाड़ा महिलाएं मंगल गीत गाती हुई शुभारंभ किया गया। व गोशाला में टीन शेड निर्माण के भामाशाह नेमाराम मोगरचा,पेमाराम परिहार मोगरचा सिरवी द्वारा बनाया गया, गौमाता की प्रतिमा के भामाशाह चुनीलाल पंवार बेरा आटलिया द्वारा बनाया गया, श्री रूप रजत प्याऊ के भामाशाह सोहन लाल, शेषाराम, प्रतापराम चोयल सिरवी द्वारा निर्माण करवाया गया जिसका उद्घाटन सभी भामाशाह के सपरिवार द्वार किया गया। सभी का गोशाला संस्था की ओर से साफा माला शॉल मोमेंटो देकर स्वागत सत्कार किया गया। साथ ही प्रवासी बंधुओं का मान सम्मान किया गया व भामाशाह द्वारा गोशाला में हो रहे विकास कार्य के बारे में चर्चा की गई। गौशाला में आगे की रूप रेखा के बारे में चर्चा की गई। साथ ही गौशाला में भामाशाह द्वारा गायों को जो, हरा लीला, देशी शक्कर देकर गौमाता को अपने हाथो से देकर पुन्य का कार्य किया गया साथ 1.5 लाख का कैश सहयोग प्राप्त हुआ। 

गोशाला में पिछले 2 वर्षों से निरंतर विकास की हो रहा है ओर भामाशाह द्वारा बढ़चढ़ कर भाग लिया जा रहा है जिससे गौशाला में विभिन् कार्य की कमी को देखते हुए भामाशाह को प्रेरित कर गौशाला अग्रिणी की ओर है। 

गोशाला में मंदिर निर्माण कार्य, पानी टंकी निर्माण कार्य, गौशाला सामुदायिक शौचालय निर्माण कार्य,दो डोम का निर्माण कार्य, एक धर्म कांटा निर्माण कार्य के बारे में निरीक्षण कर आगामी कार्य को जल्द पूर्ण कर गोशाला को सुचारू रूप से क्रियान्वित किया जाय।

जिसमें प्रशासक ममता महेंद्र कुमार,पर्वत सिंह, चंद्रप्रकाश जांगिड़, संपत जैन, पोकरराम सिरवी, धन्नाराम गुणपाल, नेमाराम माली, नेमाराम सिरवी, महेंद्र कुमार प्रजापत, गंगाराम, गमनाराम सिरवी, मांगीलाल सिरवी,नेमाराम घांची,मुकेश प्रजापत, राणाराम देवासी,विंजाराम, छगनलाल सिरवी,डायाराम, महावीर सिंह, भवरलाल देवासी, भंवरलाल, आदि ग्रामीण भामाशाह उपस्थित थे।