जोधपुर में एक-दिवसीय हैंड सर्जरी कोर्स आयोजित

जोधपुर में एक-दिवसीय हैंड सर्जरी कोर्स आयोजित

जोधपुर में एक-दिवसीय हैंड सर्जरी कोर्स सफलतापूर्वक आयोजित

जोधपुर 29नवंबर /अस्थि रोग विभाग द्वारा आज एक दिवसीय हैंड सर्जरी कोर्स का सफल आयोजन किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण वैश्य ने बताया कि इस कोर्स का उद्देश्य हाथ कलाई एवं कोहनी से संबंधित जटिल शल्य-चिकित्सा तकनीकों की बारीकियों पर चर्चा करना तथा नवीनतम प्रगतियों से चिकित्सकों को अवगत कराना था। कार्यक्रम में देशभर के प्रमुख हैंड सर्जरी विशेषज्ञ शल्य चिकित्सकों ने भाग लिया।

कोर्स के चेयरमैन डॉ. किशोर राय चंदानी ने बताया कि यह कार्यक्रम इंडियन ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन जोधपुर ऑर्थोपेडिक सर्जन सोसाइटी एवं राजस्थान हैंड सर्जरी सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में डॉ. एस.एन. मेडिकल कॉलेज जोधपुर के कॉलेज काउंसिल हॉल में आयोजित किया गया। इस ज्ञानवर्धक कोर्स में 70 से अधिक डेलीगेट्स ने सक्रिय सहभागिता की।

उद्घाटन समारोह में मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ. एम.के. आसेरी मुख्य अतिथि के रूप में तथा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बी.एस. जोधा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्सकों डॉ. विनोद कथजू डॉ. एस.पी. अग्रवाल डॉ. ओम शाह डॉ राजीव सिवाच डॉ. हरिराम बिश्नोई डॉ राजीव जैन डॉ महेंद्र रोहिडीया एवं डॉ अशोक बिश्नोई डॉ जयराम रावटानी की विशेष उपस्थिति रही जिसने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।

कोर्स के आयोजन सचिव डॉ. निरोत्तम सिंह ने बताया कि देशभर से आए विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर महत्वपूर्ण व्याख्यान प्रस्तुत किए, जिनमें प्रमुख डॉ. अभिजीत वाहेंगांवकर (पुणे) डिस्टल रेडियस फ्रैक्चर एवं पेरील्यूनेट फ्रैक्चर में नवीनतम प्रगति डॉ. पूर्णिमा पाटनी (जयपुर) रेडियल नर्व पाल्सी डॉ. डी.एस. मीणा: रेयर केसेज के मैनेजमेंट पर टिप्स एवं ट्रिक्स डॉ. नरेंद्र सैनी: हैंड एवं कोहनी फ्रैक्चर में रेडियोलॉजी एवं शारीरिक परीक्षण डॉ. अमित व्यास: कोहनी के फ्रैक्चर डॉ. आनंद चांदक (अहमदाबाद) बैनेट फ्रैक्चर-डिस्लोकेशन डॉ. अजीत तिवारी (कानपुर) इंडेक्स फिंगर MCP जॉइंट डिस्लोकेशनडॉ. पवन कुमार दीक्षित (एम्स, जोधपुर) हाथ एवं कलाई के घावों का प्रबंधनडॉ. सुशील नाहर फिंगरटिप इंजरी मैनेजमेंट में नवीन प्रगति डॉ. हितेश सिंगल (बालोतरा): ह्यूमरस फ्रैक्चर नॉन-यूनियन का इलीज़ारोव तकनीक से उपचार डॉ आशीष गौर ने ओल्ड फ्रैक्चर में हेमीहैमेट आर्थ्रोप्लास्टी पर केसेज प्रेजेंट किए. डॉ. निरोत्तम सिंह नॉन-सेवेबल प्रॉक्सिमल पोल स्कैफॉइड फ्रैक्चर नॉन-यूनियन का हैमेट बोन से पुनर्निर्माणके बारे में जानकारी दी.

प्रतिभागियों ने इस कोर्स को अत्यंत ज्ञानवर्धक व्यावहारिक और प्रशिक्षणपरक बताया। डॉ. अरुण वैश्य विभागाध्यक्ष ने कहा कि अस्थि रोग विभाग भविष्य में भी ऐसे उन्नत एवं उपयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा।