मेरे जीने के लिए तेरे अरमान ही काफी है

मेरे जीने के लिए तेरे अरमान ही काफी है

मेरे जीने के लिए तेरे अरमान ही काफी है

THE BHASWAR TIMES 

BY.. ANJU JANGID RADHE

मुक्तक
मेरे जीने के लिए तेरे अरमान ही काफी है,,,,,,,,
कुछ हो ना हो दिल की यह दास्तान ही काफी है ,,
तीर-ए-तलवार की तुझे क्या ज़रूरत ए नाज़नीन,,
  कत्ल के लिए तेरी एक मुस्कान ही काफी है..!!

अंजू जांगिड़ राधे