मीरां शोध संस्थान द्वारा मीरां जयंती महोत्सव पर आगामी कार्यक्रम को लेकर बैठक का आयोजन
मीरां शोध संस्थान द्वारा मीरां जयंती महोत्सव पर आगामी कार्यक्रम को लेकर बैठक का आयोजन
दीपाली शेखावत का आर ए एस परीक्षा में चयन होने पर किया स्वागत
वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही
मेड़ता सिटी। मीरां शोध संस्थान परिसर में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ कालू खां देशवाली की अध्यक्षता एवं मीरां महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमती उमा शर्मा रजत के मुख्य आतिथ्य में बैठक रखी गई ।
जिसमें आगामी मीरां जयंती महोत्सव पर संस्थान द्वारा होने वाले कार्यक्रम की समीक्षा उपस्थिति सदस्यों द्वारा की गई । इस सन्दर्भ में संस्थान सचिव नंदू श्री मंत्री ने बताया कि " मीरां मेड़तनी पुरस्कार " हेतु मार्च में विज्ञप्ति जारी की गई थी जिसमें पुरस्कार हेतु आने वाली प्रविष्टियों पर सर्व सम्मति से विचार विमर्श करते हुए पुरस्कार विजेता के नाम का चयन किया जाएगा ।

इस अवसर पर मीरांबाई स्मारक के प्रबंधक नरेंद्र सिंह जसनगर की होनहार सुपुत्री दीपाली शेखावत का शोध संस्थान के द्वारा भव्य सम्मान किया गया । दीपाली शेखावत ने हाल ही में वर्ष 2024 की आर ए एस परीक्षा में 609 वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार और गांव का नाम रोशन किया ।
इस अवसर पर श्रीमती उमा शर्मा रजत ने बताया कि वर्ष २०२० में जब इन्होंने बी एस सी फिजिक्स में गोल्ड मेडल प्राप्त तब ही पता चल गया था कि यह बच्चा आगे चलकर कोई बड़ी अफसर बनेगी । डॉ कालू खां देशवाली ने अपने उद्बोधन में दीपाली को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक आई ए एस परीक्षा पास नहीं हो जाए तब तक यह क्रम रुकना चाहिए ।

इस अवसर पर श्री भवानीसिंह राठौड़ ने बताया कि दीपाली अपनी कक्षा में सबसे होनहार छात्रा थी । भगवतीप्रसाद टेलर ने बताया कि स्मारक प्रबन्धक नरेंद्रसिंह जी की मेहनत का फल दीपाली को मिला है और अपने माता पिता के आशीर्वाद से ही आज यह मुकाम हासिल किया है ।
वरिष्ठ साहित्यकार एवं कार्टूनिस्ट चांद मोहम्मद घोसी अपने शेर ओर शायरी के माध्यम से दीपाली का हौसला अफजाई किया । आसु कवि नथमल शर्मा ने दीपाली पर लिखी कविता सुना कर सबको भाव विभोर कर दिया । संस्थान सचिव नंदू श्री मंत्री ने दीपाली को संबोधित करते हुए कहा कि आप अपने लक्ष्य को हासिल करने का निरंतर प्रयास करते रहो ताकि समय आने पर आप अपना मुकाम हासिल कर सको ।
इस अवसर पर कार्यक्रम के अन्त में मीरां शोध संस्थान अध्यक्ष श्यामसुंदर सिखवाल ने सभी आगंतुक अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए दीपाली को हार्दिक बधाई दी और और अपनी कविता के माध्यम से उसे संदेश देते हुए कहा कि ,,
" पानी भरा समुद्र सूख जाए पर ,
अपनी प्यास को मत सूखने दो ।
मन चाहा जीवन ना भी मिले ,
पर साहस को मत सूखने दो ।।
माना तुम अकेली हो , पथ कांटो भरा है ,
लम्बा बड़ा सफ़र है ।
पर मंज़िल तुम्हारे इंतज़ार में है ,
अपने विश्वास को मत सूखने दो ।
कार्यक्रम का सफल संचालन राजस्थानी भाषा के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ रामरतन लटियाल ने किया । इस अवसर पर फकीरचन्द शर्मा , रामकुमार जांगिड़ , कृष्णगोपाल गोड़ , नरेन्द्र सिंह , डॉ हेमेंद्र पानेरी , रमेशचंद चौहान , डॉ संजय व्यास , राजु जोशी , सुजीत सेन , प्रदीप दाधीच , सुरेश सेन , सुरेन्द्रकुमार डालिया , दीपक राखेचा सहित शहर के गणमान्य महानुभावों की उपस्थिति रही ।