स्मार्टफोन की लत से युवाओं को हो रहा नोमोफोबिया

स्मार्टफोन की लत से युवाओं को हो रहा नोमोफोबिया

*स्मार्टफोन की लत से युवाओं को हो रहा नोमोफोबिया, 406 छात्रों पर अध्ययन में खुलासा*

 स्मार्टफोन की लत से घबराहट आलस बेचैनी, सिरदर्द नींद में कमी आदि के अलावा बार-बार फोन चेक करने की लत पड़ रही है। आईजीएमसी के एमबीबीएस छात्रों पर किए गए एक अध्ययन में नोमोफोबिया के मामले सामने आए हैं। क्या होता है ये नोमोफोबिया जानने के लिए

स्मार्टफोन की लत से लोगों विशेषकर युवाओं में नोमोफोबिया हो रहा है। नोमोफोबिया से स्मार्टफोन से दूर होने, बैटरी खत्म होने नेटवर्क न होने या फोन खो जाने टूटने का डर सता रहा है। इससे घबराहट बेचैनी सिरदर्द नींद में कमी आदि के अलावा बार-बार फोन चेक करने की लत पड़ रही है। यह अध्ययन आईजीएमसी शिमला के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के सहायक आचार्य डॉ. अमित सचदेवा और उनकी टीम ने किया है। अध्ययन जर्नल ऑफ पायोनियर मेडिकल साइंसेज में छपा है