जाडन का ओम आश्रम फिर से विवादों में
जाडन का ओम आश्रम फिर से विवादों में
पाली /महंडलेश्वर के पांच विदेशी शिष्यों के खिलाफ हुआ मामला दर्ज
इससे पहले 13 जनवरी को सेविका दर्ज करवा चुकी है मुकदमा
महामंडलेश्वर स्वामी महेश्वरानंद के शिष्य ने आश्रम में ही निवास कर रहे पांच विदेशी शिष्यों के खिलाफ ट्रस्ट के कामकाज में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया है।
यह भी बताया गया है कि इनमें से अधिकांश शिष्य वीजा की शर्तों का खुला उल्लंघन कर भारत में अवैध रूप से रह रहे है। इस दौरान एक सेविका पर परिवादी से मारपीट करने का भी आरोप है।
शिवपुरा थानाधिकारी ओमप्रकाश विश्नोई ने बताया कि आश्रम के संत फूलपुरी ने 17 जनवरी को दी गई रिपोर्ट में बताया कि बताया कि ज्ञानेश्वर पुरी (क्रोएशियन नागरिक) प्रेमानंद (आस्ट्रियाई नागरिक) इरा रैंडिक टोमासिक उर्फ अग्निदेवी (क्रोएशियन नागरिक) उमा पुरी (आस्ट्रियाई नागरिक) और निरंजन (इंगेरियन नागरिक) अवैध रूप से आश्रम और ट्रस्ट के प्रशासन में हस्तक्षेप कर रहे हैं। सभी आश्रम में निवास कर रहे है। आरोप है कि सभी ने महामंडलेश्वर
2026 को स्वामी द्वारा नियुक्त विधिवत समिति ने एक वैध प्रस्ताव पारित किया था। इसके तहत ट्रस्ट के बैंक खातों के संचालन के लिए स्वामी अवतार पुरी और उन्हें अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता नामित करने का निर्णय हुआ था। इस प्रस्ताव की पालना में आवश्यक दस्तावेज एक वकील द्वारा स्वामीजी के हस्ताक्षर के लिए नेमीचंद चौपड़ा के निवास पर लाए गए थे क्योंकि स्वामी महेश्वरानंद भी भोजन के लिए उनके निवास पर गए हुए थे। इसकी जानकारी मिलने पर चौपड़ा के घर पर स्वामीजी के साथ मौजूद उमा पुरी और निरंजन ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। ट्रस्ट के कार्यों में बाधा उत्पन्न की और उन्हें धमकाया। जब वहां से आश्रम लौटे तो अग्निदेवी ने मारपीट की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि इससे पहले 13 जनवरी को महामंडलेश्वर की सेविका उमा पुरी ने शहर के कोतवाली थाने में नेमीचंद चौपड़ा और संत फूलपुरी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। रिपोर्ट में बताया कि संत महेश्वरानंद बीमार हैं वे कई धर्मार्थ ट्रस्टों के संरक्षक है। दोनों आरोपियों ने षडयंत्र रचकर संत महेश्वरानंद को खाने पर बुलाकर आश्रम की सम्पत्तियों के दस्तावेज पर अंगूठा लगवाया था