नागौर में एग्जाम सेंटर पर पुलिस और स्टाफ में विवाद
*नागौर में एग्जाम सेंटर पर पुलिस और स्टाफ में विवाद:स्टाफ मोबाइल ले जाने की जिद्द पर अड़ा, एसआई एग्जाम में 20 मिनट बाद मिली एंट्री*
नागौर में एसआई भर्ती के सेंटर में एग्जाम से पहले पुलिस और स्कूल स्टाफ के बीच विवाद हो गया। स्टाफ मोबाइल और गाड़ी अंदर ले जाने की जिद पर अड़ा रहा। करीब 1 घंटे तक पुलिस और स्टाफ के बीच हुए इस विवाद में कैंडिडेट्स को 20 मिनट देरी से एंट्री मिली।
मामला शहर के कांकरिया स्कूल का है। दरअसल, एग्जाम सेंटर में मोबाइल ले जाने पर रोक लगी थी। लेकिन स्कूल स्टाफ नहीं माना और चेतावनी दी कि मोबाइल नहीं ले जाने दिया तो काम नहीं करेंगे।
केंद्र अधीक्षक से समझाईस करते कोतवाली थानाधिकारी वेदपाल शिवरान
केंद्र अधीक्षक से समझाईस करते समझाइश
करीब एक घंटे तक चली इस बहस को सुलझाने के लिए कोतवाली थानाधिकारी वेदपाल शिवरान और साइबर थाना प्रभारी धरम पुनिया ने काफी समझाइस की। लेकिन स्टाफ अपनी शर्तों से पीछे हटने को तैयार नहीं हुआ।
स्टाफ जिद्द पर अड़ा हुआ था कि वे मोबाइल बैग और गाड़ी अंदर ले जाएंगे जबकि पुलिस तैयार नहीं थी। इस दौरान केंद्रधीक्षक शंकरलाल खुद अपनी कार को प्रवेश द्वार के सामने खड़ा कर दिया। इस दौरान केन्द्राधीक्षक ने खुद शिक्षकों को बाहर निकलने का बोल दिया और पुलिस अधिकारीयों को यह तक कह दिया कि आप ही परीक्षा करवा लो।
आखिर सेंटर के बाहर तैनात पुलिस अधिकारियों को स्टाफ की माननी पड़ी और मोबाइल के साथ हैंड बैग ले जाने की परमिशन दी।
इस मामले में कलेक्टर ने एडीएम चंपालाल जिनगर और एएसपी आशाराम चौधरी को सेंटर की जांच के निर्देश दिए।
साइबर थाना प्रभारी DSP धरम पुनिया ने भी समझाईस की कोशिश की लेकिन टीचर नहीं माने।
प्रभारी बोले- मामूली बहस हुई थी
नागौर में परीक्षा प्रभारी चम्पालाल जिनगर ने बताया कि RPSC की गाइडलाइन है कि जितने भी कार्मिक हैं वो फर्स्ट तो मोबाइल लेकर नहीं आएंगे अगर लेकर आते हैं तो मोबाइल को स्विच ऑफ़ करवा कर केंद्र अधीक्षक (CS ) की कस्टडी में रखेंगे। सभी मोबाइल CS के कस्टडी में रखवा दिए गए हैं। इसी बात को लेकर मामूली नोक-झोंक हुई थी। गौरतलब है कि नागौर में 18 केंद्र बनाए गए हैं प्रत्येक पारी में 5448 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे