सम्भावना संस्था द्वारा वरिष्ठ लेखिका कमला सुराणा की तीन पुस्तकों का लोकार्पण

सम्भावना संस्था द्वारा वरिष्ठ लेखिका कमला सुराणा की तीन पुस्तकों का लोकार्पण

सम्भावना संस्था द्वारा वरिष्ठ लेखिका कमला सुराणा की तीन पुस्तकों का लोकार्पण

रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही 

सम्भावना महिलाओं की साहित्यिक संस्था द्वारा वरिष्ठ लेखिका श्रीमती कमला हनवंतमल सुराणा की तीन पुस्तकों का लोकार्पण नेहरू पार्क स्थित डॉ. मदन-सावित्री डागा साहित्य भवन के खचाखच भरे सभागार में सम्पन्न हुआ ।

 कार्यक्रम का शुभारंभ स्वयं लेखिका श्रीमती कमला सुराणा द्वारा प्रस्तुत मधुर स्वागत गीत से हुआ।   

उनके काव्य संग्रह ‘माँ, तुम न बदलना’ पर चर्चा करते हुए डॉ. पद्मजा शर्मा की अनुपस्थिति में उनके लिखे पत्र का वाचन अर्चना बिस्सा ने किया, पत्र में डॉ. पद्मजा ने कहा कि कमला जी की कविताएँ मात्र रचनाएँ नहीं, बल्कि उनके जीवनानुभवों की सजीव अभिव्यक्तियाँ हैं । ये उनकी सीखें हैं जो उन्होंने जीवन से पाई व समाज को कविताओं के रुप में दी हैं ।

      कमला जी के कहानी संग्रह ‘क्षितिज" पर बोलते हुए सुप्रसिद्ध कथाकार श्री हरिप्रकाश राठी ने कहा कि कमला जी की कहानियाँ मानव मन के मनोविज्ञान को गहराई से परिभाषित करती हैं । श्री राठी जी ने सत, रज और तम के माध्यम से यह बताया कि संसार में इतना विचार वैविध्य क्यों है, उन्होंने समीक्षकों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आलोचना के बौद्धिक विलास ने लेखक को कहीं का नहीँ छोड़ा ।

     कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि एवं सु विख्यात गीतकार श्री सत्यदेव संवितेंद्र ने की । उन्होंने लेखिका की लोरियो की पुस्तक ‘निंदिया रानी’ पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर से सहायता प्राप्त यह पुस्तक हिन्दी साहित्य में नवाचार है, क्यूँकि मुश्किल से लोरियों पर एक या दो पुस्तकें ही मिलतीं हैं । बच्चों के संस्कारों की वाहक लोरियों को लेखिका ने नए रूप में पुनर्जीवित किया है, यह कार्य अत्यंत सराहनीय है व इस वय में लेखिका जो कार्य कर रही हैं वह प्रेरणास्पद है ।

      कार्यक्रम के आरंभ में संस्था की अध्यक्ष श्रीमती बसंती पंवार ने अतिथियों का स्वागत शब्दपुष्पों से किया । 

     संचालन लेखिका श्रीमती अर्चना त्यागी ने किया तथा संस्था की उपाध्यक्ष श्रीमती आशा पाराशर ने धन्यवाद ज्ञापित किया ।

      इस अवसर पर शहर के जाने माने साहित्यकार एवं साहित्यप्रेमी श्री हबीब कैफ़ी, श्री प्रमोद वैष्णव, डॉ. चॉंदकौर जोशी, श्रीमती सुषमा चौहान, राजकुमारी गॉंधी, डॉ. नीना छिब्बर, श्री खेमकरण लालस, श्री मोहनसिंह रतनू, डॉ. कविता डागा, डॉ. मनीषा डागा, सुशीला भण्डारी, डॉ. रेणुका श्रीवास्तव, गौतम गट्स, सहित अनेक वरिष्ठ साहित्यकारों की गरिमामयी उपस्थिति रही ।