श्री राम ने अवतार लेकर ताड़का व राक्षसों का वध किया। संगीतमय राम लीला का दूसरा दिन
**श्री राम ने अवतार लेकर ताड़का व राक्षसों का वध किया**
पाली। श्री रामलीला कमेटी की ओर से मंचित की जा रही संगीतमय रामलीला के दूसरे दिन का शुभारम्भ श्रीरामायण वन्दना से किया गया।
**कमेटी के उपाध्यक्ष हिरालाल व्यास** ने बताया कि प्रथम प्रसंग में दर्शाया गया कि ऋषि विश्वामित्र के आश्रम के आसपास राक्षस उत्पात मचाते हैं। वे तपस्वियों की तपस्या में विघ्न डालते, यज्ञ पात्र नष्ट करते, यात्रियों को लूटते, महिलाओं का चीरहरण करते और छोटे बच्चों को तड़पा-तड़पा कर मार डालते हैं। दुखी ऋषि व पीड़ित जनता भगवान से प्रार्थना करती है कि धर्म की रक्षा एवं राक्षसों के विनाश हेतु राम अवतार लें। इसी प्रसंग में “भये प्रकट कृपाला दीनदयाला” की प्रस्तुति पर डांडिया नृत्य ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
इसके साथ ही “ठुमक चलत रामचन्द्र” की झांकी ने तुलसीदास की कल्पना को मंच पर साकार कर दिया। आगे के प्रसंग में दशरथ के चारों पुत्रों को गुरु वशिष्ठ से शिक्षा-दीक्षा एवं शस्त्र विद्या ग्रहण करते हुए दिखाया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
इसके बाद ऋषि विश्वामित्र, राजा दशरथ से राक्षसों के उत्पात की व्यथा सुनाकर राम और लक्ष्मण को अपने साथ ले जाते हैं। अगला दृश्य ताड़कावन का था, जहां राम-लक्ष्मण और ताड़का के बीच संवाद व युद्ध होता है। राम के बाणों से ताड़का का वध हो जाता है। यह समाचार सुबाहु और मारीच तक पहुंचता है। युद्ध में सुबाहु मारा जाता है जबकि मारीच भयभीत होकर भाग निकलता है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कमेटी के अध्यक्ष जीवराज चौहान, उपाध्यक्ष हीरालाल व्यास, एम.एम. बोडा, सचिव परमेश्वर जोशी, प्रकाश चौधरी, निर्देशक हरिचरण वैष्णव, सहायक निर्देशक गणेश परिहार, देवीलाल पंवार और मांगीलाल तंवर का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया गया।
कलाकारों के रूप मे ने घनश्याम भाटी, मांगू सिंह दुदावत, ज्ञानचंद राठौड, अंकित, अर्जुन बडगोती, महेंद्र बडगोती, परमेश्वर सिंह दुदावत, लक्की खान, जगदीश , सुरेश राठौड़, गोपाल, नेमीचंद, कमलनाथ, हितेश मेवाड़ा, नवनीत मांगीलाल तंवर, हीरालाल मेंशन, आशीष, जसवंत सिंह, जैयश, **महिला कलाकार ** जया जोशी, कंचन दासानी, तृप्ति दुदावत, नियती वैष्णव, कशिश, डिंपल, दिव्या, रूपाली, साक्षी प्रजापत, झीलअपने सुन्दर अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया।