नगर निकाय आम चुनाव-2026

नगर निकाय आम चुनाव-2026
नगर निकाय आम चुनाव-2026 : ईवीएम का प्रथम स्तरीय रेंडमाईजेशन संपन्न*
*ई-सूची सॉफ्टवेयर के माध्यम से 275 वार्डों के लिए ईवीएम का वार्डवार आवंटन*
*-निर्वाचन व्यय संबंधी दिशा-निर्देशों से राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को कराया अवगत*
जोधपुर, 29 अगस्त। नगर निकाय आम चुनाव-2026 के लिए ईवीएम के प्रथम स्तरीय रेंडमाईजेशन की प्रक्रिया शनिवार को अटल सेवा केंद्र के प्रथम तल स्थित वीसी हॉल में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर  आलोक रंजन की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस दौरान रिटर्निंग एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारी अथवा उनके प्रतिनिधि तथा मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रथम स्तरीय रेंडमाईजेशन के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग के ई-सूची सॉफ्टवेयर के माध्यम से नगर निगम जोधपुर के 100 तथा जिले की 6 नगर पालिकाओं के कुल 175 वार्डों सहित जिले के सभी 275 वार्डों के लिए ईवीएम का वार्डवार आवंटन किया गया।
*907 ईवीएम मतदान केंद्रों तथा 234 रिजर्व के लिए आवंटित*
उपलब्ध 1,152 बैलेट यूनिट एवं 1,150 कंट्रोल यूनिट में से कुल 1,141 ईवीएम का आवंटन किया गया। इनमें 907 ईवीएम मतदान केंद्रों तथा 234 ईवीएम रिजर्व के रूप में आवंटित की गईं।
*275 वार्डों के लिए रेंडमाईजेशन प्रक्रिया पूर्ण*
रेंडमाईजेशन में नगर निगम जोधपुर के वार्ड संख्या 1 से 100 तक क्रमवार ईवीएम का आवंटन किया गया। इसके पश्चात तिंवरी, मथानिया, बिलाड़ा, भोपालगढ़ एवं पीपाड़ शहर सहित जिले की 6 नगर पालिकाओं के कुल 175 वार्डों के लिए ईवीएम आवंटित की गईं। इस प्रकार जिले के सभी 275 वार्डों के लिए प्रथम स्तरीय रेंडमाईजेशन की प्रक्रिया निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार पूर्ण हुई।
जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आलोक रंजन ने रेंडमाईजेशन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने तथा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
*निर्वाचन व्यय संबंधी दिशा-निर्देशों से राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को कराया अवगत*
रेंडमाईजेशन के पश्चात जिला निर्वाचन अधिकारी की उपस्थिति में निर्वाचन व्यय शाखा द्वारा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्वाचन व्यय संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई। बताया गया कि आयोग द्वारा निर्धारित अधिकतम निर्वाचन व्यय सीमा के अनुसार नगर निगम के अभ्यर्थी के लिए 3 लाख 50 हजार रुपए, नगर परिषद के अभ्यर्थी के लिए 2 लाख 50 हजार रुपए तथा नगर पालिका के अभ्यर्थी के लिए 1 लाख 50 हजार रुपए निर्धारित है।
*निर्वाचन व्यय का लेखा निर्धारित अवधि में प्रस्तुत करना अनिवार्य*
इस दौरान बताया गया कि प्रत्येक अभ्यर्थी को मतगणना की तिथि से 15 दिवस के भीतर निर्धारित प्रपत्र में अपने निर्वाचन व्यय का लेखा-जोखा निर्वाचन व्यय शाखा में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। निर्धारित अवधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने पर राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नियमानुसार 5 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है अथवा अभ्यर्थी को आगामी 6 वर्षों के लिए निर्वाचन लड़ने से अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी अभ्यर्थियों एवं राजनीतिक दलों से निर्वाचन व्यय से संबंधित निर्धारित नियमों एवं समय-सीमा की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने का आह्वान किया।