जोधपुर में धूमधाम से निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी, अमन और भाईचारे का दिया पैगाम
जोधपुर में धूमधाम से निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी, अमन और भाईचारे का दिया पैगाम
वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही

जोधपुर। जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर जोधपुर में जुलूस-ए-मोहम्मदी पूरे सादगी, एहतराम और कानून व्यवस्था के साथ निकाला गया। "मरहबा या मुस्तफा" की सदाओं से पूरा शहर गूंज उठा।
आल इंडिया हज वेलफेयर सोसाइटी जोधपुर जिला इकाई के अध्यक्ष सेयद हाजी आरिफ़ अली ने बताया कि स्टेडियम से शुरू हुआ जुलूस ऐतिहासिक जालोरी गेट स्थित ईदगाह मस्जिद कंपाउंड पहुंचकर संपन्न हुआ।

संस्थाओं ने किया भव्य स्वागत
जुलूस के दौरान रास्ते भर विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने टेंट लगाकर शरबत, मिल्क रोज़, रूह अफजा और खीर की व्यवस्था की। जुलूस में शामिल उस्तादों, अखाड़ों और बाहर से आए उलेमा का साफा, माला और गिफ्ट पहनाकर स्वागत किया गया। आल इंडिया हज वेलफेयर सोसायटी जोधपुर इकाई ने मिनर्वा टावर, जालोरी गेट और ईदगाह मेन गेट पर विशेष पंडाल लगाए गए थे।
उलेमा का संदेश: शिक्षा और मानव सेवा जरूरी
1501वें जश्ने आमद-ए-रसूल के मुख्य कार्यक्रम में मुफ्ती आजम राजस्थान मौलाना शेर मोहम्मद साहब सहित देशभर से आए उलेमा ने तकरीर की। उन्होंने कहा कि नबी करीम की सुन्नतों पर अमल करते हुए शिक्षा, रहमत, अमन, मोहब्बत और भाईचारे को बढ़ावा देना हर मुसलमान की जिम्मेदारी है। उन्होंने समाज में जरूरतमंदों की मदद और आपसी सम्मान पर जोर दिया।

दावत-ए-इस्लामी इंडिया और इस्लामिक कायनात कमेटी की ओर से बच्चों की शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि मुस्लिम कौम को समाज में कंधे से कंधा मिलाकर चलने के लिए शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है।
नशा मुक्त भारत और रक्तदान का संदेश
जोधाणा जागरुक मंच ने युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। हाथों में "नशा मुक्त भारत" की तख्तियां लेकर युवाओं ने जागरूकता फैलाई। मारवाड़ सरिया कोऑपरेटिव सोसाइटी की ओर से लगाए गए रक्तदान शिविर में 144 लोगों ने रक्तदान किया। शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराना था। खिदमत-ए-ट्रैवल फाउंडेशन द्वारा रक्तदाताओं में लॉटरी निकाली गई, जिसमें बलदेव नगर निवासी हैदर अली का नाम निकला। उन्हें मक्का-मदीना उमराह का निशुल्क टिकट दिया जाएगा।
भाईचारे की मिसाल
मुफ्ती आजम ने कहा कि इस बार ईद मिलादुन्नबी और राखी का पर्व एक साथ आने से जोधपुर की साझा संस्कृति और गंगा-जमुना तहजीब मजबूत हुई है। दोनों समुदायों ने एक-दूसरे के पर्व का सम्मान कर मोहब्बत की मिसाल पेश की।
जुलूस में आल इंडिया हज वेलफेयर सोसाइटी जोधपुर इकाई ने पानी शरबत आइसक्रीम बिस्कुट आदि की दो-तीन जगह स्टॉल पंडाल लगाकर अच्छी व्यवस्थाएं की जिसमें हाजी सैयद आरिफ अली, हाजी शाहजाद अंसारी, सैयद जुबेर अली, हाजी इकराम खान, गुलाम सफदर, फैयाज अली, आमिर अंसारी और नौशाद अंसारी सहित सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।