सोजत में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी पर मिलाद महफिल, रात भर रही इबादत

सोजत में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी पर मिलाद महफिल, रात भर रही इबादत

सोजत में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी पर मिलाद महफिल, रात भर रही इबादत

तकिया पाटी जाव में गूंजे नातिया कलाम, सजीं मस्जिदें और मोहल्ले

अंजुमन गुलशने अदब ने मनाया जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी, उलेमा ने की तकरीर

वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही 

सोजत। हज़रत मुहम्मद मुस्तफा सल्लाहु अलैहि वसल्लम की विलादत की खुशी में अंजुमन गुलशने अदब के तत्वावधान में स्थानीय तकिया पाटी जाव में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर शानदार मिलाद महफिल का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत कुरान की तिलावत से हुई और अंत में दुरूद-ओ-सलाम पेश की गई। छीपा मस्जिद के इमाम मौलाना जुल्फिकार अली सहित शहर के अन्य उलेमा ने सूरत-ए-सिरत पर रोशन तकरीर पेश की। उन्होंने पैगंबर की तालीमात, अमन, भाईचारे और इंसानियत की खिदमत पर विस्तार से प्रकाश डाला।

महफिल में शहर के जाने-माने नातख्वानों ने बारगाहे रिसालत में एक से बढ़कर एक नातिया कलाम पेश किए। नातों पर मौजूद लोग झूम उठे और देर रात तक "या नबी सलाम अलैका" की सदाएं गूंजती रहीं। कार्यक्रम में पधारे मौलाना का फूल-मालाओं से इस्तकबाल किया गया।

इस मौके पर अंजुमन गुलशने अदब के पदाधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। इनमें शकूर काजी, अब्दुल जब्बार सिलावट, यासीन बा छीपा, सलीम नियारघर, यूनुस छीपा, इकबाल छीपा, लतीफ कुरेशी, इकबाल कंपाउंडर, फकीर मोहम्मद पठान, बाबू खान मेहर, शाहबाज खान, मास्टर सलीम शेख, अयूब कुरेशी, अयूब छीपा, मोहम्मद मंसूर अतारी, सलीम खान सिंधी और सदीक गौरी आदि शामिल थे।

जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के उपलक्ष्य में शहर के मुस्लिम मोहल्लों, गलियों और मस्जिदों को रंगीन लाइटों और परचमों से दुल्हन की तरह सजाया गया। घरों में चरागां किया गया। रात भर मस्जिदों में नवाफिल, दुरूद और मीलाद शरीफ का दौर जारी रहा। अंजुमन के पदाधिकारियों ने कहा कि इस पाक मौके पर हमें पैगंबर की सीरत को अपनाकर समाज में मोहब्बत और अमन का पैगाम आम करना चाहिए।