विद्यालयों में फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी पर रोक का विरोध, IFWJ ने शिक्षा विभाग के आदेश को तत्काल निरस्त करने की उठाई मांग

विद्यालयों में फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी पर रोक का विरोध, IFWJ ने शिक्षा विभाग के आदेश को तत्काल निरस्त करने की उठाई मांग

 विद्यालयों में फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी पर रोक का विरोध, IFWJ ने शिक्षा विभाग के आदेश को तत्काल निरस्त करने की उठाई मांग

पाली जिलाध्यक्ष अरुण कुमार जोशी के नेतृत्व में जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री, राजस्थान सरकार को भेजा ज्ञापन 

 पाली। राजस्थान के विद्यालयों में फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से जारी प्रतिबंधात्मक आदेश के विरोध में इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ) ने आवाज बुलंद की है।

 संगठन के पाली जिलाध्यक्ष अरुण कुमार जोशी के नेतृत्व में जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री, राजस्थान सरकार को ज्ञापन भेजकर आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की गई। IFWJ, पाली द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन में कहा गया कि विद्यालयों में बाहरी व्यक्तियों द्वारा स्कूल भवन, कक्षाओं अथवा विद्यालय परिसर की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी के लिए संस्था प्रधान अथवा प्रशासन की अनुमति को अनिवार्य किए जाने से पत्रकारों के लिए जनहित से जुड़े मामलों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रिपोर्टिंग प्रभावित हो सकती है।  IFWJ जिलाध्यक्ष अरुण कुमार जोशी ने कहा कि विद्यालयों में जर्जर भवन, विद्यार्थियों की सुरक्षा, मूलभूत सुविधाओं की कमी, शिक्षकों की लापरवाही अथवा विद्यालय परिसर में अनुशासनहीनता से जुड़े मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों की वास्तविक स्थिति को प्रशासन एवं जनता के सामने लाने में फोटो और वीडियो महत्वपूर्ण साक्ष्य होते हैं। यदि प्रत्येक मामले में पूर्व अनुमति को अनिवार्य किया गया तो स्वतंत्र पत्रकारिता के सामने बाधाएं खड़ी हो सकती हैं।

 संगठन के जिला महासचिव महेन्द्र लखावत ने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य जनहित के मुद्दों को सामने लाना और व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। विद्यालयों जैसे सार्वजनिक महत्व के संस्थानों में यदि पत्रकारों को तथ्य जुटाने और वास्तविक स्थिति की तस्वीर या वीडियो लेने में अनावश्यक प्रशासनिक अनुमति की बाध्यता होगी, तो इससे प्रेस की स्वतंत्रता प्रभावित होने की आशंका रहेगी। ज्ञापन में मांग की गई कि राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी को लेकर जारी प्रतिबंधात्मक आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए और पत्रकारों को जनहित से जुड़े मामलों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष कवरेज का अधिकार स्पष्ट रूप से सुरक्षित रखा जाए।

 साथ ही मांग की गई कि विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा, भावनात्मक स्थिति और अन्य जनहित से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग के लिए पत्रकारों के अधिकारों की स्पष्ट रूप से रक्षा की जाए तथा ऐसा कोई आदेश लागू नहीं किया जाए जो प्रेस की स्वतंत्रता और जनहित की पत्रकारिता में अनावश्यक बाधा उत्पन्न करे।  IFWJ ने स्पष्ट किया कि पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार है और जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाने के लिए पत्रकारों को स्वतंत्र वातावरण मिलना आवश्यक है। संगठन ने सरकार से उम्मीद जताई कि वह प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों के संवैधानिक अधिकारों को ध्यान में रखते हुए इस मामले में तत्काल सकारात्मक कार्रवाई करेगी।

इस अवसर पर lFWJ, पाली के उपाध्यक्ष सुनील त्रिवेदी, उपाध्यक्ष चेनराज भाटी, कोषाध्यक्ष मोहम्मद यासीन रॉयल, सोजत उपखण्ड महासचिव नवनीत राय भटनागर "रुचिर", धर्मेन्द्र वैष्णव, मीठालाल मालवीय, शेखर राठौड़, जितेन्द्र जेठवानी, मनोज शर्मा, मो आसिफ सिलावट, पवन पांडे सहित कई पत्रकार उपस्थित रहे।