वाणी हमारे व्यक्तित्व का परिचय देता है=सुकन मुनि

वाणी हमारे व्यक्तित्व का परिचय देता है=सुकन मुनि

वाणी हमारे व्यक्तित्व का परिचय देता है=सुकन मुनि

हरीश गहलोत सोजत 

सोजत सिटी/श्रमण संघ के प्रमुख संत प्रवर्तक सुकन मुनि महाराज ने कहा कि मनुष्य का व्यक्तित्व व प्रभाव झलकता है उसकी वाणी से। जिस तरह संगीत वाद्ययंत्र की पहचान उसके स्वर से होती है, उसी तरह व्यक्ति की पहचान उसकी वाणी से होती है। बोलने का अंदाज, वाणी में झलकता भाव सुनने वाले अयंत्र व्यक्तियों पर अपना प्रभाव डालता है। वाणी की इसी विशेष अभिव्यक्ति के कारण रंगमंच, नाट्यशालाएं बनीं, फिल्म उद्योग बने, जहां पर लोग अभिनय के माध्यम से आज भी जीवन के महत्त्वपूर्ण दृश्यों का अंकन करते हैं। लोगों को प्रेरित व प्रभावित करते हैं। जनता तक अभिनय के द्वारा विभिन्न तरह के संदेश प्रेषित किए जाते हैं। जब इस सबका आविष्कार नहीं हुआ था, उस समय भी गांवों में रामलीला या कृष्णलीला होती थी, जिसमें रामकथा या कृष्णकथा को अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता था।

*महान लोगों का स्वभाव नहीं बदलता=अमृत मुनि*
उपप्रवर्तक संत अमृत मुनि महाराज ने धर्म सभा में कहा कि जिस तरह विभिन्न जीव-जंतु अपने स्वरों को बदल नहीं सकते, अपने स्वभाव को बदल नहीं सकते, उसी तरह मनुष्य भी अपने इस अभिनय, स्वर व स्वभाव को सामान्य तौर पर नहीं बदल पाते। चूंकि मनुष्य का जीवन जीव-जंतुओं  के जीवन  से बहुत अलग व उच्च स्तर का है। उसमें सोचने-समझने, विचारने की शक्ति है इसलिए जीवन में यदि उसे कोई सीख मिलती है, प्रेरणा मिलती है तो वह अपने स्वर व स्वभाव को बदलने की कोशिश करता है और इसके बाद ही यह कहा जाता है कि वह अमुक व्यक्ति बदल गया है। अब वह पहले जैसा नहीं रहा। सामान्य जीवन में हम जो व्यवहार करते हैं उसमें वाणी की अहम भूमिका होती है। वाणी को सुनकर, उसके भावों को समझकर यह जाना जा सकता है कि व्यक्ति की मनःस्थिति कैसी है? उसका स्वभाव कैसा है? वह क्या है? वाणी की इसी प्रभावशीलता के कारण व्यक्ति की पहचान इससे संभव है।

धर्म सभा में मधुर गायक संत महेश मुनि, संत अखिलेश मुनि एवं डॉ वरुण मुनि ने कहा कि हमारा जीवन भी एक रंगमंच की तरह है, जिसमें भगवान ने हमें एक तरह का अभिनय करने के लिए इस संसार में भेजा है। हम जीवन भर अभिनय की उस भूमिका को निभाते रहते हैं। यह अभिनय ही हमारे व्यक्तित्व की छाप बन जाता है। हमारी पहचान बन जाता है। हमारी वास्तविकता दर्शाता है, हमारा स्वभाव बताता है।