साहित्य मंडल नाथद्वारा द्वारा पाटोत्सव ब्रजभाषा समारोह का भव्य आयोजन सम्पन्न
साहित्य मंडल नाथद्वारा द्वारा पाटोत्सव ब्रजभाषा समारोह का भव्य आयोजन सम्पन्न
देश भर से आए साहित्यकारों को अलग-अलग मानद उपाधियों से नवाजा
रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही

नाथद्वारा। साहित्य मंडल नाथद्वारा के तत्वावधान में आयोजित पाटोत्सव ब्रजभाषा समारोह का भव्य आयोजन किया गया जो हिंदी और ब्रज साहित्य की गौरवशाली परंपराओं को समर्पित रहा। देश भर से आए साहित्यकारों को अलग-अलग मानद उपाधियों से नवाजा गया।देश के विभिन्न अंचलों से आए विद्वानों और साहित्यकारों ने भाषा, कला और संस्कृति के संरक्षण के लिए साहित्य मंडल द्वारा किए जा रहे प्रयासों को अतुलनीय बताया। कार्यक्रम के दौरान शोध पत्रों का वाचन हुआ तथा ब्रजभाषा की नवीन विधाओं पर गंभीर और सार्थक चर्चा की गई।

जयपुर की प्रसिद्ध शिक्षाविद डॉ संतोष यादव ने कहा कि साहित्य मंडल द्वारा हिंदी और ब्रजभाषा के लिए किया जा रहा कार्य अनूठा है। उन्होंने साहित्य मंडल प्रधानमंत्री श्याम प्रकाश देवपुरा द्वारा अहिंदी भाषी क्षेत्रों के साहित्यकारों को मंच देने और समाजसेवियों को सम्मानित करने की पहल को न केवल प्रशंसनीय, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि कला, संस्कृति और समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय मनीषियों का सम्मान करना संस्था की अनुकरणीय परंपरा है। मुख्य अतिथि एवं जागती जोत के पूर्व संपादक रवि पुरोहित ने साहित्य मंडल की तुलना गंगासागर तीर्थ से करते हुए कहा कि यहां देश के कोने-कोने से साहित्य की नदियां आकर मिलती हैं।वृंदावन के साहित्यकार सत्य प्रकाश शर्मा ने कहा कि जो कार्य सरकारी उपक्रमों को करने चाहिए थे, उन्हें साहित्य मंडल निजी प्रयासोंसे निरंतर कर ब्रजभाषा की गरिमा बढ़ा रहा है।

तमिलनाडु के शिक्षा शास्त्री संजय रामन ने इसे अहिंदी भाषी साहित्यकारों का आत्मविश्वास बढ़ाने वाला आयोजन बताया। कार्यक्रम का शुभारंभ हरि ओम हरि द्वारा सरस्वती वंदना, अंजीव अंजुम द्वारा श्रीनाथ वंदना और माद्री सिंह द्वारा स्वस्ति वाचन के साथ हुआ। ब्रजभाषा उपनिषद कार्यक्रम में अष्टछाप कवियों के काव्य दर्शन पर श्री कृष्ण शरद कासगंज, सुरेश कुमार शर्मा भरतपुर, नरेंद्र निर्मल भरतपुर, सत्येंद्र यादव कोटा, हरिओम हरि भरतपुर और संतोष ऋचा राया ने क्रमशः भक्त कवि परमानंद दास, छीत स्वामी, चतुर्भुजदास, कृष्ण दास, गोविंद दास और नंददास पर अपने शोधपूर्ण आलेख प्रस्तुत किए। समस्या पूर्ति कार्यक्रम में हरि ओम हरि, सुरेश कुमार शर्मा, सत्य प्रकाश शर्मा, नरेंद्र निर्मल, सुरेंद्र सार्थक और अंजीव अंजुम ने काव्य पाठ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।

समारोह के दूसरे सत्र के मुख्य अतिथि राजस्थान साहित्य अकादमी उदयपुर के सचिव डॉ बसंत सिंह सोलंकी, विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार चेतन स्वामी रहे। साहित्य मंडल द्वारा कला, समाज सेवा और साहित्य के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए राजेंद्र केशोरैया, डॉ देवराज शर्मा, नंदकिशोर काबरा, देवकी केशौरैया और सुश्री उमा शर्मा को समाज सेवा कला सेवा रत्न, पवन पहाड़िया डेह, नागौर, भेरुलाल गर्ग भीलवाड़ा भगवती प्रसाद देवपुरा स्मृति बाल साहित्य भूषण तथा ब्रजगजल विधा में नवीन कार्य हेतु हरिओम हरि, नरेंद्र निर्मल, सुरेंद्र सार्थक और डॉ अंजीव अंजुम को ब्रज गजलश्री, अब्दुल समद राही सोजत को पत्रकार श्री की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।


परीक्षा में उत्कृष्ट अंक लाने वाले विद्यार्थियों खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया।

वरिष्ठ बाल साहित्यकार पवन पहाड़िया की चार बाल साहित्य पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर साहित्यांचल पत्रिका के संपादक सत्यनारायण पारीक, अब्दुल समद राही सोजत, देवी प्रसाद गौड़, वरिष्ठ साहित्यकार पवन पहाड़िया, अंजीव अंजूम, हरि ओम हरि, पियूष देवपुरा, मदन मोहन शर्मा, रवि पुरोहित, सुनीता शर्मा, हेमलता दधीच, डॉ छगन राज राव, डॉ दीपा परिहार, डॉ देवराज शर्मा, शिव सागर शर्मा, हेमलता दाधीच, श्रीमती संतोष ऋचा सहित देशभर से आए साहित्यकार व गणमान्य जन उपस्थित थे। कार्यक्रम का सरस संचालन साहित्य मंडल नाथद्वारा के प्रधानमंत्री श्याम प्रकाश देवपुरा ने किया
