भगवान महावीर की निकली शोभयात्रा
भगवान महावीर की निकली शोभयात्रा पाली/ भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्म कल्याणक महोत्सव के उपलक्ष्य में पाली शहर भक्ति और उत्साह के रंग में सराबोर नजर आया। मंगलवार सुबह शहर के बागर मोहल्ला स्थित श्री संघ सभा भवन से भगवान महावीर की भव्य शोभायात्रा गाजे-बाजे के साथ रवाना हुई, जिसकी अलौकिक छटा देखते ही बन रही थी। इस धार्मिक आयोजन में जैन समाज की महिलाएं पारंपरिक लाल चूंदड़ी में और पुरुष श्वेत वस्त्रों में सुसज्जित होकर शामिल हुए जो एकता और पवित्रता का प्रतीक लग रहे थे। पूरी यात्रा के दौरान युवाओं का जोश देखते ही बन रहा था, जो निरंतर भगवान महावीर के जयकारों से वातावरण को गुंजायमान कर रहे थे। मार्ग में विभिन्न समाजों और संगठनों द्वारा पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का आत्मीय स्वागत किया गया।
इस विशाल शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण इसमें शामिल 35 से अधिक झांकियां रहीं, जिनके माध्यम से भगवान महावीर के शाश्वत संदेशों को जीवंत किया गया। इन झांकियों ने न केवल धार्मिक शिक्षाएं दीं बल्कि जल संरक्षण पर्यावरण सुरक्षा और बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाने जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों पर भी जन-जागरूकता का संदेश प्रसारित किया। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार भजन मंडलियां पूरी राह प्रभु की स्तुति में मधुर भजन गाती रहीं, जिससे पूरा माहौल धर्ममय हो गया। आयोजन को और अधिक रोचक बनाने के लिए मार्ग में श्रद्धालुओं से भगवान महावीर के जीवन से जुड़े प्रश्न पूछे गए और सही उत्तर देने वालों को चांदी के सिक्के व अन्य आकर्षक उपहारों से नवाजा गया।
शोभायात्रा की भव्यता को बढ़ाने में दस विभिन्न प्रकार के बैंडों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जिसमें श्री शांति जैन पाठशाला के बच्चों के बैंड के साथ-साथ महिलाओं और युवाओं के विशेष दल शामिल थे। विशेष रूप से भटिंडा से बुलाए गए बैंड ने अपने वादन और हैरतअंगेज करतबों से शहरवासियों का मन मोह लिया।
शोभायात्रा बागर मोहल्ला से शुरू होकर गोल निम्बड़ा गजानंद मार्ग सर्राफा बाजार, घी का झंडा धानमंडी और आचार्य श्री रघुनाथ स्मृति जैन भवन जैसे प्रमुख क्षेत्रों से गुजरी। इसके पश्चात रूई कटला, पुरानी सब्जी मंडी और पुराना बस स्टैंड होते हुए यह यात्रा अंततः अणुव्रत नगर पहुंचकर संपन्न हुई जहां समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से धर्म लाभ लिया।