दिव्यांग को किसी तरह से असहाय या कमजोर नहीं समझना चाहिए व सक्षम है : लखावत

दिव्यांग को किसी तरह से असहाय या कमजोर नहीं समझना चाहिए व सक्षम है : लखावत

दिव्यांग हमारे समाज के अभिन्न अंग उन्हें परिवार जैसा वातावरण देना हमारी जिम्मेदारी : जांगिड़ 

दिव्यांग को किसी तरह से असहाय या कमजोर नहीं समझना चाहिए व सक्षम है : लखावत 

राष्ट्रीय सक्षम सशक्तिकरण दिवस व सक्षम जिला अधिवेशन का समापन समारोह आयोजित 

वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही 

सोजत। दिव्यांग हमारे समाज के अभिन्न अंग हैं और उन्हें परिवार जैसा वातावरण देना हम सभी की जिम्मेदारी है। उक्त उद्गार राष्ट्रीय सक्षम सशक्तिकरण दिवस व सक्षम जिला अधिवेशन के समापन समारोह में कार्यक्रम के अतिथि उपखंड अधिकारी मासिंगाराम जांगिड़ ने व्यक्त किए उन्होंने कहा कि दिव्यांगों के कल्याण के लिए प्रशासनिक स्तर पर हर संभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भामाशाह अनोपसिंह लखावत ने कहा कि दिव्यांग को किसी तरह से असहाय या कमजोर नहीं समझना चाहिए व सक्षम है और सक्षम को सक्षम बनाना हमारा दायित्व है उन्होंने कहा कि यदि दिव्यांगों में कोई शारीरिक कमी है तो ईश्वर ने उन्हें विशेष क्षमताओं से भी नवाजा है जिन्हें पहचानकर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। प्रदेश अध्यक्ष एवं मुख्य वक्ता क्षमाशील गुप्ता ने कहा कि दिव्यांगों की सेवा करना ईश्वर की सच्ची आराधना है। वहीं प्रांत सचिव सुरेश मेवाड़ा ने सक्षम संस्था की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए संस्था के आगामी विज़न की जानकारी दी। प्रभारी झालाराम देवासी ने अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे स्वयं दिव्यांग हैं और किस प्रकार उन्होंने पाली में दिव्यांगों के लिए सेवा केंद्र की स्थापना की।

समारोह में भव्य रक्तदान शिविर एवं दिव्यांग खेलकूद प्रतियोगिता के विजेताओं व रक्तदाताओं, भामाशाओ को मोमेंटो प्रस्तुति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए। वहीं सक्षम पुस्तक का विमोचन भी अतिथियों द्वारा किया गया।

कार्यक्रम का आगाज विधिवत रूप से पूजा अर्चना कर किया गया तत्पश्चात अतिथियों का दुपरना पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम में आए सभी दिव्यांग जनों के लिए तीन दिन तक भोजन व्यवस्था भामाशाह अनोपसिंह लखावत द्वारा की गई। दो दिवसीय कार्यक्रम में प्रान्त अधिकारी सुरेश मेवाड़ा, जिला अध्यक्ष मनोहर जोशी, जिला सचिव पंकज सैन, रवि मेवाड़ा, गायत्री मेवाड़ा, हीरा लाल सांखला, पेंशनर समाज अध्यक्ष लालचंद मोयल, पुष्पतराज मुणोत, चेतन व्यास, ताराचंद सैनी, पार्षद जोगेश जोशी, पूर्व खेल अधिकारी सत्तुसिंह भाटी, अल्लारख शेख, किशोर कुमार, जगदीश गहलोत, प्रकाश जोशी मुरलीधर जोशी, दिनेश सोलंकी, महेन्द्र माथुर, ओम प्रकाश मोयल, जुगल किशोर दवे, नवीन गुप्ता देवी लाल सांखला, दिनेश मेवाड़ा, भामाशाह जवरी लाल बोराणा, बुदाराम पन्नूसा आदि कई गणमान्य जन उपस्थित थे।