आजाद समाज पार्टी का संपूर्ण भागीदारी आंदोलन राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

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आजाद समाज पार्टी का संपूर्ण भागीदारी आंदोलन राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

आजाद समाज पार्टी का संपूर्ण भागीदारी आंदोलन राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

दौसा। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) एवं भीम आर्मी द्वारा 24 सितंबर को देशभर में संपूर्ण भागीदारी आंदोलन के तहत दौसा जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।

जिला अध्यक्ष विनय सिंह मीणा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में क्रमांक 6/2026, दिनांक 24/09/2026 में SC, ST, OBC, महिलाओं तथा अन्य वंचित वर्गों के सामाजिक न्याय, समान अवसर और उचित प्रतिनिधित्व को लेकर 24 सूत्रीय मांगें रखी गईं।

पार्टी ने कहा कि भारत का संविधान समानता का अधिकार देता है लेकिन आज भी वंचित वर्गों को भेदभाव और अपर्याप्त प्रतिनिधित्व का सामना करना पड़ रहा है। आरक्षण केवल आर्थिक आधार नहीं बल्कि सामाजिक भेदभाव को दूर करने का संवैधानिक माध्यम है।

प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं -

➡️ नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण और SC/ST/OBC महिलाओं के लिए कोटे में कोटा लागू हो।
➡️ कन्नौज, अंबेडकर नगर, जालौन व सहारनपुर के 4 मेडिकल कॉलेजों में SC/ST के लिए समाप्त की गई 70% आरक्षण व्यवस्था फिर से लागू की जाए।
➡️OBC समाज को लोकसभा, विधानसभा, राज्यसभा और विधान परिषद में उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिया जाए।
➡️जाति जनगणना में OBC के लिए अलग कॉलम और वैज्ञानिक जनसंख्या आकलन हो।
➡️उच्च न्यायपालिका में SC/ST/OBC प्रतिनिधित्व और कॉलेजियम व्यवस्था समाप्त कर न्यायिक आयोग का गठन हो।
➡️सरकारी सेवाओं में पदोन्नति में आरक्षण, सभी बैकलॉग पदों पर तत्काल भर्ती और लेटरल एंट्री बंद कर स्थायी नियुक्ति हो।
➡️ UGC का समता विनियम 2026 से रोक हटाकर कानून बनाया जाए ताकि शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव रोका जा सके।
➡️SC-ST Act में पीड़ितों को मुआवजा 30 लाख किया जाए और दोषी से वसूली हो।
➡️बजट और योजनाओं में आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी और सरकारी ठेकों-खरीद में आरक्षण मिले।
➡️ निजी क्षेत्र और मीडिया संस्थानों में भी पर्याप्त भागीदारी सुनिश्चित हो।
➡️ 2 अप्रैल 2018 आंदोलन के सभी मुकदमे वापस लिए जाएं और NFS के नाम पर शोषण बंद हो।
➡️ सफाईकर्मियों की आउटसोर्सिंग खत्म कर स्थायी नियुक्ति, समान काम समान वेतन, पेंशन-बीमा मिले। सीवर-सेप्टिक टैंक में मानव प्रवेश पूरी तरह बंद कर मशीनों से सफाई हो और सफाई के दौरान मृत्यु पर परिवार को 30 लाख मुआवजा, सरकारी नौकरी और पुनर्वास मिले।
➡️ अल्पसंख्यक धार्मिक स्थलों पर हो रही कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा हो और छात्रवृत्ति पुनः नियमित कर समय पर दी जाए।

ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

इस दौरान मनोज जहाँगीरिया, सोनू बर्रीवाल, नरसी भागवत, सुशील आजाद, वेदप्रकाश, हरेराम कालाखो, जितेन्द्र मोतीपुरा, विजेन्द्र खिमसा, हेमराज डिंगी, JP पोटाला, हेमराज पाटीली, दिलनाथ भारद्वाज, भगवान सिंह, भंवरा बेरवा, रामधन पाना सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।