गाय की उत्पत्ति के बारे में

गौ माता की उत्पत्ति कहां से हुई है इसके बारे में समीक्षा

विज्ञान कहता है कि गाय की उत्पत्ति 10000या 10500 साल पहले दक्षिण पूर्व तुर्की और उसके आस पास के क्षेत्र सोपोटामियां में आरोच नामक जंगली बैलों से हुई है। कुछ शोधकर्ता हड़प्पा और सिंधु घाटी की सभ्यता से इसे जोड़ते हैं।

पौराणिक कथाओं में गौ माता की उत्पत्ति समुद्र मंथन के दौरान सुरभि नामक कामधेनु गाय से जोड़ी जाती है।

जहां जंगली आरोच से जो बताया गया है वह यूरोप, एशिया और उत्तरी अफ्रीका में यह पाया जाता है।

कुछ तुर्की बताते हैं, कहीं पर हड़प्पा की खुदाई के दौरान मिले अवशेषों से अनुमान लगाते हैं, कुछ बताते हैं कि 1627 में आरोच विलुप्त हो गए और विकसित होकर आज की प्रजातियां गाय का रूप लेकर आ गई।

वेद पुराण में समुद्र मंथन सुरभि कामधेनु गाय, गाय की उत्पत्ति बताते हैं कहीं कहीं पर हमारे शास्त्र कार्तिक अमावस्या को गाय की उत्पत्ति का समय बताते हैं, कहीं पर ब्रह्मा जी के मुंह से भी गाय की उत्पत्ति का वर्णन मिलता है वेद पुराणों में।

असल में गाय सनातन संस्कृति में पूजनीय है और भारत की कृषि अर्थव्यवस्था की प्राचीन स्तंभ रही है, गौ धन से इसे माना जाता है।

जय जय श्री राम 

जय गायवाले हनुमान