पाक विस्थापितों ने किया प्रदर्शन
पाक विस्थापितों ने किया प्रदर्शन जोधपुर / शहर के पाल रोड स्थित गंगाना, चौखा और बोरानाडा क्षेत्रों में निवास कर रहे पाकिस्तानी विस्थापित हिंदुओं ने सोमवार को मूलभूत सुविधाओं को लेकर जोधपुर विकास प्राधिकरण (जड़ा) के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। विस्थापितों का आरोप है कि प्रशासन ने उनकी जायज मांगों को पूरा करने के बजाय दमनकारी नीति अपनाई है।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार -करीब 9 महीने पहले उन्होंने पानी, सड़क, सीवरेज और रोड लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा था। उस समय जेडीए अधिकारियों ने 5-6 महीने के भीतर इन सुविधाओं को मुहैया कराने का आश्वासन दिया था।
विस्थापितों का कहना है कि वादा पूरा होने के बजाय, अब जेडीए ने 300 लोगों केखिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। साथ ही, कई गरीब परिवारों को उनके आशियाने उजाड़ने के नोटिस थमा दिए गए हैं।
प्रदर्शनकारियों ने राजस्थान हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेशों का हवाला देते हुए कहा-न्यायालय ने जोधपुर विकास प्राधिकरण (जड़ा) को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि विस्थापित हिंदुओं के पुनर्वास में पूर्ण सहयोग किया जाए और उन्हें आवश्यक बुनियादी सुविधाएं तथा संरक्षण प्रदान किया जाए।
चेतना वाहिनी के वीरेंद्र प्रतापसिंह पाल ने बताया- गंगाना, पाल, चौखा और बोरानाडा क्षेत्र में लगभग 10 हजार विस्थापित निवास कर रहे हैं जो लंबे समय से नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। सुविधाओं के नाम पर उन्हें जेडीए की ओर से केवल घर खाली करने के नोटिस थमाए गए हैं, जो कि कोर्ट के निर्देशों की खुली अवहेलना है।
प्रदर्शनकारियों ने जेडीए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। मांग की है कि गरीब परिवारों को दिए गए निष्कासन के नोटिस तुरंत प्रभाव से वापस लिए जाएं और 300 लोगों के खिलाफ दर्ज किए गए 'झूठे' मुकदमों को खारिज किया जाए।
साथ ही इन बस्तियों में तुरंत प्रभाव से रोड लाइट, सीवरेज, शुद्ध पेयजल और सड़कों का निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की गई है। विस्थापितों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे अपने अधिकारों को लेकर ओर उग्र प्रदर्शन करेंगे।