मारवाड़ की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक परम्परा ‘भोगीशैल परिक्रमा-2026’ का विधिवत शुभारम्भ, ध्वज पूजन के साथ यात्रा प्रारंभ*
मारवाड़ की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक परम्परा ‘भोगीशैल परिक्रमा-2026’ का विधिवत शुभारम्भ, ध्वज पूजन के साथ यात्रा प्रारंभ*
*- सनातन संस्कृति, लोकआस्था एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण का प्रतीक है भोगीशैल परिक्रमा : मंत्री पटेल*
जोधपुर, 25 मई। हिन्दू सेवा मण्डल, जोधपुर द्वारा आयोजित मारवाड़ की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक परम्परा “भोगीशैल परिक्रमा-2026” के शुभारम्भ एवं ध्वज पूजन समारोह का आयोजन सोमवार को घण्टाघर प्रांगण, जोधपुर में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ आयोजित किया गया। समारोह में राजस्थान सरकार के विधि एवं न्याय मंत्री जोगाराम पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सूरसागर विधायक देवेन्द्र जोशी एवं जोधपुर शहर विधायक अतुल भंसाली ने विशिष्ट अतिथि के रूप में सहभागिता की। समारोह सैनाचार्य स्वामी अचलानन्दगिरि जी महाराज के पावन सानिध्य में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर नरेश जाजड़ा, विष्णु प्रजापत सहित हिन्दू सेवा मण्डल के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
*ध्वज पूजन के साथ परिक्रमा यात्रा का हुआ विधिवत शुभारम्भ*
आयोजन समिति के अनुसार विक्रम संवत 2083 के अधिक मास ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के पावन अवसर पर आयोजित यह समारोह सनातन संस्कृति, लोकआस्था एवं आध्यात्मिक परम्पराओं के संरक्षण एवं संवर्धन की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। कार्यक्रम के दौरान विधिवत ध्वज पूजन सम्पन्न होने के साथ भोगीशैल परिक्रमा यात्रा का शुभारम्भ किया गया।
भोगीशैल परिक्रमा मारवाड़ क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक परम्पराओं में विशेष स्थान रखती है तथा प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें सहभागिता निभाते हैं। यह परिक्रमा क्षेत्र की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत से जनमानस को जोड़ने का कार्य करती है।
*भोगीशैल परिक्रमा जोधपुर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक : मंत्री जोगाराम पटेल*
विधि एवं न्याय मंत्री जोगाराम पटेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि भोगीशैल परिक्रमा जोधपुर की समृद्ध ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, लोकआस्था एवं आध्यात्मिक परम्परा की जीवंत पहचान है। यह आयोजन केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक समरसता एवं जनभागीदारी का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि परिक्रमा हमारी सनातन परम्पराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम है तथा समाज को आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने का कार्य करती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए नशामुक्त वातावरण में इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाएं तथा अनुशासन एवं श्रद्धा के साथ सहभागिता निभाएं।
*श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित*
मंत्री पटेल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा भोगीशैल परिक्रमा के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत सफाई व्यवस्था, मार्गों को सुगम बनाने, पेयजल, विद्युत एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को व्यवस्थित किया गया है।
उन्होंने कहा कि परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ जीव-जंतुओं एवं पर्यावरण संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा इस आयोजन के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान किया गया है, जिससे व्यवस्थाओं को प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जा सका है।
*भक्तिमय वातावरण में होगी परिक्रमा, आमजन से सहभागिता का आह्वान*
आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि भोगीशैल परिक्रमा के दौरान सम्पूर्ण शहर में धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण रहेगा तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता की संभावना है।
उन्होंने बताया कि आयोजन को सुव्यवस्थित एवं गरिमामय बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया है। श्रद्धालुओं एवं आमजन के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। समिति द्वारा आमजन से अधिकाधिक संख्या में सहभागिता निभाने का आह्वान किया गया।
*भोगीशैल परिक्रमा के दौरान यातायात जागरूकता अभियान चलाकर श्रद्धालुओं को किया जागरूक*
*-यातायात पुलिस ने भाटी चौराहा पर श्रद्धालुओं एवं आमजन को यातायात नियमों की पालना का दिया संदेश*
*-मारवाड़ी भाषा एवं स्थानीय उदाहरणों के माध्यम से हेलमेट, सीट बेल्ट एवं सड़क सुरक्षा के प्रति किया जागरुक
पु लिस आयुक्त श्री शरत कविराज के निर्देशानुसार तथा पुलिस उपायुक्त मुख्यालय शहीन सी एवं यातायात पुलिस जोधपुर के पर्यवेक्षण में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त यातायात श्रीमती शालिनी राज के नेतृत्व में शहर में निरंतर यातायात शिक्षा एवं जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में सोमवार को भोगीशैल परिक्रमा के दौरान भाटी चौराहा पर यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर श्रद्धालुओं एवं आमजन को यातायात नियमों की जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम के दौरान प्रभारी यातायात शिक्षा एएसआई हनुमान सिंह ने अपनी टीम के साथ उपस्थित श्रद्धालुओं, समाजसेवियों एवं आमजन को यातायात नियमों की पालना करने हेतु प्रेरित किया तथा सुरक्षित यातायात व्यवहार अपनाने की अपील की।
यातायात शिक्षा टीम द्वारा स्थानीय भाषा मारवाड़ी एवं व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं को सरल एवं रोचक तरीके से समझाया गया। इस दौरान हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, नाबालिगों को वाहन नहीं सौंपने, तेज गति से वाहन संचालन से बचने, ओवरलोडिंग नहीं करने तथा लालबत्ती उल्लंघन से होने वाले जोखिमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही हास्यपरक एवं संवादात्मक शैली में आमजन को नियमों की पालना के प्रति प्रेरित किया गया।
*परिक्रमा मार्ग पर सुरक्षित आवागमन के दिए निर्देश*
भोगीशैल परिक्रमा में शामिल श्रद्धालुओं को पैदल यात्रा के दौरान यथासंभव फुटपाथ अथवा निर्धारित मार्ग का उपयोग करने, समूह में व्यवस्थित रूप से चलने, सड़क पर अनावश्यक भीड़ नहीं करने तथा यातायात व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की गई। पुलिस द्वारा श्रद्धालुओं से अपील की गई कि रात्रिकालीन अथवा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें तथा बच्चों एवं वृद्धजनों का विशेष ध्यान रखें।
*मानव जीवन की सुरक्षा एवं त्वरित सहायता पर दिया गया विशेष संदेश*
कार्यक्रम में सड़क दुर्घटनाओं के दौरान घायलों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। यातायात पुलिस टीम ने गुड सेमेरिटन (अच्छे मददगार) से संबंधित माननीय उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता करने वाले नागरिकों को कानूनी संरक्षण प्रदान किया गया है। साथ ही मुख्यमंत्री आयुष्मान जीवन रक्षा योजना के प्रावधानों एवं दुर्घटना पीड़ितों को समय पर चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने के महत्व से भी अवगत कराया गया।
*श्रद्धालुओं से यातायात नियमों की पालना की अपील*
पुलिस अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोगn नहीं करें, दोपहिया वाहन चालक एवं पीछे बैठने वाले दोनों व्यक्ति हेलमेट का उपयोग करें, चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें तथा यातायात संकेतों एवं पुलिस निर्देशों की पालना सुनिश्चित करें, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।