एटीम से रुपए निकालते तीन गिरफ्तार
एटीम से रुपए निकालते तीन गिरफ्तार जोधपुर /शादी से 9 दिन पहले एटीम से रुपए निकालते युवक गिरफ्तार किया.बदमाशों को कमीशन पर देता था बैंक अकाउंट 95 डेबिट कार्ड-30 सिम बरामद किए.
जोधपुर में साइबर ठगों के लिए काम करने वाले तीन युवक पकड़े गए हैं। तीनों एटीम से ठगी के रुपए निकाल रहे थे। इसमें से एक आरोपी की 14 अप्रैल को शादी है। आरोपियों ने अब तक साइबर ठगी के 5 करोड़ रुपए निकाले हैं। तीनों युवकों के घर से 95 डेबिट कार्ड 30 सिमकार्ड 11 मोबाइल फोन 18 बैंक पासबुक और डाक पार्सल के 9 लिफाफे मिले हैं।
यह गिरोह आम लोगों के बैंक खातों में साइबर ठगों के भेजे रुपए मंगवाते थे। इसके बाद एक घंटे में ही यह रकम निकालकर साइबर ठगों तक पहुंचा देते थे। इसके बदले ठगों से 10 से 15 प्रतिशत कमीशन लेते थे। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे टेलीग्राम पर साइबर ठगों से जुडे़ थे।
पुलिस ने आरोपी अक्षय राजपुरोहित को सरदारपुरा थाना क्षेत्र में बैंक एटीएम से और धनराज व भजनलाल को शनिश्चर जी का थाना क्षेत्र से पकड़ा है।
साइबर थाने के इंस्पेक्टर सुरेश सारण ने बतायाकि इनपुट मिला था कि कुछ ऐसे गिरोह हैं जो साइबर ठगी के रुपए बैंकों के ATM से निकालते हैं। इस पर रविवार सुबह बैंकों के बाहर निगरानी रखी।
अलग-अलग ATM से रुपए निकालते समय पूछताछ में तीनों आरोपी घबरा गए। जब उनसे खाता मालिक के बारे में पूछा तो वे भागने लगे। पकड़ने के बाद आरोपियों ने बताया कि वे साइबर ठगी की राशि अकाउंट में आते ही तुरंत निकाल लेते हैं। ताकि इन पर कोई होल्ड नहीं लगे।
एक आरोपी रेस्टोरेंट पर काम करता एक की 14 अप्रैल को शादी
गिरफ्तार आरोपी भजनलाल (27) पुत्र श्रीराम विश्नोई निवासी अर्जुन सागर नांदड़ा कला कुड़ी हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में एक रेस्टारेंट पर काम करता था। वहीं दूसरा आरोपी धनराज (21) पुत्र भागीरथ विश्नोई निवासी सीवरों की ढाणी सरनाडा कांकेलाव का रहने वाला है। वह बीए .पास है।
वहीं तीसरा आरोपी अक्षय राजपुरोहित (22) पुत्र पूर्णसिंह निवासी मथानिया हाल चाणक्य नगर मंडोर रोड का रहने वाला है। उसके पिता की कोटपूतली में मिठाई की दुकान है।
अक्षय हुक्का बार में करीब एक साल से आरोपी सिकंदर के संपर्क में आकर साइबर ठगी के कामों में एक्टिव था। जबकि धनराज और भजनलाल बिश्नोई आपस में रिश्तेदार भी हैं। जो करीब एक साल से एक्टिव थे। आरोपी भजनलाल की 14 अप्रैल को ही शादी होनी थी।
डेढ़ लाख रुपए नकद मिले
पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि पांचवीं रोड सरदारपुरा जोधपुर स्थित एक मकान में आरोपी धनराज किराए पर रहता था। आरोपियों से 1 लाख 55 हजार रुपए मिले। आरोपी एटीएम से निकाले रुपए से USDT (वर्चुअल करेंसी) भी खरीदते थे।
बैंक में रुपए आते ही एक घंटे में निकाल लेते
पुलिस ने बताया कि आरोपी टेलीग्राम ग्रुप के जरिए महाराष्ट्र, दिल्ली के एजेंट के संपर्क में आए थे। आरोपी इन एजेंट के जरिए पूरी किट मंगवाते थे जिसमें बैंक अकाउंट पासबुक और एटीएम कार्ड शामिल रहते थे। इनके बाद इन बैंक खातों में साइबर ठगी की राशि डलवाने के लिए आरोपी ठगों से संपर्क करते थे।
इसके बाद ठग जैसे ही ठगी की राशि इन बैंक खातों में भेजते, ये आरोपी 30 से 60 मिनट में ठगी के रुपए आते ही एटीएम से निकाल लेते। इसके बाद उस राशि को ठगों तक आगे पहुंचा दिया जाता था। फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
दूसरे खाताधारक भी पुलिस निशाने पर
मामले में कई खाताधारक पुलिस के रडार पर हैं। पुलिस ने अपील करते हुए कहा कि किसी को भी अपने नाम से बैंक खाता या सिम खोलकर नहीं दें। यदि कोई भी आपको सिम कार्ड या खाता मांगे तो ऐसे लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाएं।