प्रदेश की साहित्यिक अकादमियों को शीघ्र बहाल कराई जावे : पहाड़िया 

प्रदेश की साहित्यिक अकादमियों को शीघ्र बहाल कराई जावे : पहाड़िया 


प्रदेश की साहित्यिक अकादमियों को शीघ्र बहाल कराई जावे : पहाड़िया 

अब्दुल समद राही 
डेह / नागौर 
अखिल भारतीय  राजस्थानी भाषा मान्यता संघर्ष समिति के संभागीय महामंत्री पवन पहाड़िया ने देस के संस्कृति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत को ज्ञापन लिख प्रदेश की सभी साहित्य अकादमियों को शिघ्र बहाल करने की पुर जोर मांग की है ।
    पहाड़िया ने अपने ज्ञापन ( क्रमांक 5452 / 28 - 02 - 2026 ) में लिखा कि प्रदेश में भाजपा सरकार सत्ता में आते ही प्रदेश की सभी   साहित्य अकादमियों को बंद करने का साहित्य विरोधी कदम उठाया । पार्टियों के सत्ता में आते ही सर्वप्रथम साहित्य अकादमियों पर गाज गिरती है एवं उनकी पुनः तीन - चार वर्ष तक सुध नहीं ली जाती । 
प्रदेश में भी भाजपा का सुशासन दो वर्ष से चल रहा है लेकिन अकादमियों की तरफ ध्यान देना सरकार की प्राथमिकता में नहीं है इससे प्रदेश में साहित्यिक  शून्यता का माहौल बन रहा है । प्रतिवर्ष दिए जाने वाले साहित्यकारों के पुरस्कार एवं सहयोग राशियां  बंद है । प्रदेश  के साहित्यकार सरकार की इस नीति के कारण  उदासीन एवं क्षुब्द हैं ।
अपने आप को अच्छी सरकार बताने वाली भाजपा सरकार के शासन के स्वर्णकाल में यह तांबे की मेख जैसी प्रतीत हो रही है ।
पहाड़िया ने स्मरण कराया कि संघर्ष समिति की और से प्रदेश सरकार को इस सम्बंध में कई ज्ञापन लिखे लेकिन कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया , इसलिए आप श्री से आग्रह पूर्वक अनुरोध है कि आप राजस्थान प्रदेश की संस्कृति मंत्री महोदया को प्रदेश की सभी साहित्य अकादमियां शिघ्र बहाल कराने का श्रेय एवं प्रेय निर्देशन  फरमाने की कृपा करावें ताकि प्रदेश में सुखद साहित्यिक वातावरण बन सके