8वें वेतन आयोग कर्मचारियों की जल्द बैठक की मांग   

8वें वेतन आयोग कर्मचारियों की जल्द बैठक की मांग   

8वें वेतन आयोग कर्मचारियों की जल्द बैठक की मांग                                   जयपुर /केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड) JCM ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को एक आधिकारिक पत्र लिखकर कई अहम मुद्दे उठाए हैं और कर्मचारियों की ओर से महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं।

 बताया गया है कि भारत सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन की अधिसूचना जारी की थी। लेकिन आयोग के गठन के लगभग चार महीने बाद भी स्टाफ साइड के साथ कोई औपचारिक बैठक नहीं हुई है। पहले के वेतन आयोगों में यह परंपरा रही है कि आयोग की ओर से कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ एक प्रारंभिक बैठक की जाती थी जिसमें आयोग के कामकाज की प्रक्रिया और कर्मचारियों के मुद्दों पर चर्चा होती थी।

लेकिन इस बार अभी तक ऐसी कोई बैठक आयोजित नहीं की गई है। इसी कारण नेशनल काउंसिल JCM के स्टाफ साइड ने आयोग से जल्द से जल्द बैठक बुलाने की मांग की है ताकि कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हो सके।

इसके अलावा 8वें वेतन आयोग की वेबसाइट पर 18 सवालों की एक प्रश्नावली भी जारी की गई है। कर्मचारियों यूनियनों और आम जनता से इन सवालों के जवाब मांगे गए हैं। लेकिन इसमें एक बड़ी शर्त रखी गई है कि हर सवाल का जवाब केवल 200 शब्दों में देना होगा और जवाब सिर्फ ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।

स्टाफ तरफ से कहना है कि कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे बहुत व्यापक हैं जैसे कि न्यूनतम वेतन फिटमेंट फैक्टर वेतन संरचना वेतन वृद्धि प्रमोशन नीति विभिन्न भत्ते मेडिकल सुविधाएं टीए डीए एलटीसी अवकाश से जुड़े नियम और सेवानिवृत्ति लाभ जिनमें पेंशन भी शामिल है। इन सभी विषयों पर विस्तृत सुझाव देने के लिए केवल 200 शब्दों की सीमा पर्याप्त नहीं है।

इसीलिए कर्मचारियों के संगठनों और फेडरेशनों ने मांग की है कि 8वां वेतन आयोग उनके मेमोरेंडम को ईमेल और हार्ड कॉपी के माध्यम से भी स्वीकार करे ताकि कर्मचारी संगठनों को अपने सुझाव विस्तार से रखने का मौका मिल सके।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या 8वां वेतन आयोग कर्मचारियों की इन मांगों को स्वीकार करेगा? क्या जल्द ही कर्मचारियों के प्रतिनिधियों और आयोग के बीच बैठक होगी. और क्या कर्मचारियों को अपने सुझाव विस्तार से रखने का अवसर मिलेगा.

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