सद्भावना मंच ब्यावर द्वारा स्नेह मिलन समारोह तथा विचार गोष्ठी आयोजित

सद्भावना मंच ब्यावर द्वारा स्नेह मिलन समारोह तथा विचार गोष्ठी आयोजित

सद्भावना मंच ब्यावर द्वारा स्नेह मिलन समारोह तथा विचार गोष्ठी आयोजित

वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही 

ब्यावर। सद्भावना मंच ब्यावर द्वारा होटल विक्रांत में स्नेह मिलन कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में सद्भावना मंच के सदस्यों, भारतीय सांस्कृतिक निधि( इंटक) के सदस्यों तथा शहर के प्रबुद्धजनों ने भाग लिया।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित सीमा सुरक्षा बल के पूर्व डायरेक्टर जनरल तथा RPSC के पूर्व चेयरमैन डॉ०महेंद्र लाल कुमावत का साफा एवं माला पहनाकर एवं शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया गया।

सर्वप्रथम सद्भावना मंच के संयोजक रमेश यादव ने मुख्य अतिथि का विस्तार से परिचय करवाया एवं सभी आगंतुकों का भी परिचय करवाया तथा सद्भावना मंच ब्यावर द्वारा सांप्रदायिक सद्भाव एवं सौहार्द्र के लिए किए जा रहे कार्यों से अवगत करवाया।

इसके पश्चात दैनिक निरन्तर समाचार पत्र के संपादक राम प्रसाद कुमावत ने भारतीय सांस्कृतिक निधि इंटक के बारे में बताते हुए उसके द्वारा किए जा रहे कार्यों से अवगत कराया।

मुख्य अतिथि महेंद्र कुमावत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपने सेवा काल में विभिन्न पदों पर रहते हुए उनके द्वारा किए गए कार्यों और अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि आज देश के सामने आतंकवाद और नक्सलवाद से अधिक चुनौतीपूर्ण समस्या साम्प्रदायिकता है। आज देश में राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए और ध्रुवीकरण के जरिए देशवासियों के बीच धर्म और समुदाय के आधार पर नफरत और विभाजन पैदा किया जा रहा है जो कि बहुत ही चिंताजनक स्थिति है। ऐसे में विभिन्न धर्मों एवं समुदायों के बीच सद्भाव और सौहार्द्र के लिए काम करने की अत्यंत आवश्यकता है और आज के समय में ये काम करना देश के प्रति सच्ची देशभक्ति है और जो संगठन और संस्थाएं ये काम कर रहे हैं वे साधुवाद के पात्र हैं। उन्होंने दुनिया में चल रहे युद्धों पर गहरी चिंता व्यक्त की और सभी से शांति की अपील की खासकर ईरान, इजरायल, अमरीका के बीच चल रहे युद्ध पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि युद्ध का असर पूरी दुनिया में होता है और इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि शांति के लिए न्याय अत्यंत आवश्यक है। अन्याय और अत्याचार अशांति और विद्रोह को जन्म देता है। उन्होंने फिलिस्तीन इजरायल युद्ध पर बोलते हुए कहा कि आज का ये संघर्ष आज से तकरीबन 100 साल पूर्व ब्रिटेन द्वारा बालफोर्ड समझौते के तहत बलपूर्वक यहूदियों को फिलिस्तीन में बसाने से शुरू हुआ और पिछले सौ सालों में यहूदियों ने फिलिस्तीनियों को अपने मुल्क से बलपूर्वक निकलने के लिए विवश कर दिया और उन्हें सिर्फ दो भागों ग़ज़्ज़ा पट्टी और वेस्ट बैंक तक सीमित कर दिया है जो कि बहुत अन्याय पूर्ण कृत्य है जिसकी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी निंदा की थी। इजरायल ने युद्ध के दौरान फिलिस्तीन में 70000 से ज्यादा फिलिस्तीनियों की हत्या की जिसमें बड़ी तादाद बेकुसूर महिलाओं और बच्चों की थी।

अंत में उन्होंने उन्हें इस कार्यक्रम में आमंत्रित करने और सम्मान देने हेतु सभी का आभार व्यक्त किया और ऐसे कार्यक्रमों में बार बार आने बाबत इच्छा व्यक्त की।

कार्यक्रम को सद्भावना मंच के सदस्य डॉ जावेद हुसैन, समाजसेवी कल्पना भटनागर, सनातन धर्म राजकीय महाविद्यालय में इतिहास के प्रोफेसर डॉ जलालुद्दीन काठात, वर्धमान कन्या महाविद्यालय के संरक्षक नरेंद्र पारख,मनमोहन शर्मा तथा राजस्थान बैंक के रिटायर्ड चेयरमैन उत्तम जैन ने भी संबोधित किया एवं अपने विचार व्यक्त किए।

अंत में सद्भावना मंच के सह संयोजक मुमताज अली ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का संचालन सद्भावना मंच के सचिव एवं मोटिवेशनल वक्ता राम पंजाबी ने किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिल कर खीर का आनंद लिया तथा अल्पाहार किया।

कार्यक्रम में सुनील काठेड़, नारायण कुमावत, हरि हेमलानी, अर्जुन सांखला, एस एन अग्रवाल, उत्तम भंडारी, एम एल तिवारी, सुनील लॉयल, डॉ अरविंद माथुर,एडवोकेट सुलक्षणा शर्मा, रोहित भटनागर,इशिका जैन, गोविंद शर्मा, सरदारा काठात, मदन सिंह शेखावत, प्रोफेसर नरेंद्र कुमार साद आदि मौजूद थे।