ख़ुर्शीद शेख़ ' खुर्शीद ' का ग़ज़ल संग्रह,' साथ मेरे रहीं मेरी तन्हाइयां ' का हुआ लोकार्पण 

ख़ुर्शीद शेख़ ' खुर्शीद ' का ग़ज़ल संग्रह,' साथ मेरे रहीं मेरी तन्हाइयां ' का हुआ लोकार्पण 

ख़ुर्शीद शेख़ ' खुर्शीद ' का ग़ज़ल संग्रह,' साथ मेरे रहीं मेरी तन्हाइयां ' का हुआ लोकार्पण 

वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही 

उदयपुर। वरिष्ठ साहित्यकार, अदबी उड़ान संस्था के अध्यक्ष , अदबी उड़ान पत्रिका के संपादक के दूसरे ग़ज़ल संग्रह ' साथ मेरे रहीं मेरी तन्हाइयां ' का लोकार्पण आदरणीय भरत जी मेहता - पूर्व संयुक्त निदेशक शिक्षा विभाग, की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ । इस अवसर पर श्रीमान रमेशचन्द्र जी माहेश्वरी - पूर्व प्रिंसिपल एवं संजीवनी संस्था के अध्यक्ष, श्री खेल शंकर जी व्यास -पूर्व अतिरिक्त जिला  शिक्षा अधिकारी, डॉ. बी.एस. व्यास - सचिव उदयपुर पुरस्कृत शिक्षक परिषद एवं देवेंद्र सिंह जी पंचमुखी रेस्टोरेंट के मालिक ने भी अपने कर कमलों से लोकार्पण में चार चांद लगाए। ज्ञात रहे खुर्शीद शेख़  खुर्शीद ' का पहला ग़ज़ल संग्रह ' हौसलों की उड़ान ' का लोकार्पण वर्ष 2015 में हुआ था । वर्तमान में ये अदबी उड़ान पत्रिका का प्रकाशन पिछले 11 वर्षों से करते आ रहे हैं। अब तक 43 अंकों का प्रकाशन हो चुका है जो अपने आप में एक कीर्तिमान स्थापित किया है। इसके साथ ही प्रति वर्ष देश के चुनिंदा साहित्यकारों को पुरस्कृत एवं सम्मानित भी 11 वर्षों से करते आ रहे हैं जो वास्तव में एक अद्भुत उपलब्धी है। 

इस अवसर पर देश एवं राज्य के पुरस्कृत शिक्षक, प्रधानाध्यापक, प्रिंसीपल, ज़िला शिक्षा अधिकारी व जोइंट डायरेक्टर के अतिरिक्त वरिष्ठ साहित्यकारों की उपस्थिति अपने आप में महत्वपूर्ण रही । श्री तरुण कुमार दाधीच , श्री पुरूषोत्तम पल्लव , विनोद जी गदिया आदि ने ख़ुर्शीद जी की इस साहित्य साधना की प्रशंसा करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं दी ।