वरिष्ठ कवि संवितेन्द्र अणुव्रत लेखक मंच के संयोजक मनोनीत
वरिष्ठ कवि संवितेन्द्र अणुव्रत लेखक मंच के संयोजक मनोनीत
काव्य पाठ कर कवियों ने बहाई सरस काव्य सरिता.
वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही
जोधपुर। अणुव्रत लेखक मंच द्वारा आयोजित बैठक में संस्था की जोधपुर इकाई का गठन करते हुए वरिष्ठ कवि सत्यदेव संवितेन्द्र को संयोजक मनोनीत किया गया। इस मौके पर साहित्य - काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें हिन्दी, उर्दू एवं राजस्थानी के रचनाकारों ने काव्य पाठ कर उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
बैठक में अणुव्रत लेखक मंच के राष्ट्रीय संयोजक जिनेन्द्र कुमार कोठारी ने कहा कि अणुव्रत अर्जन में अहिंसा एवं विसर्जन में विवेक तथा धर्म के विचार एवं आचार दाेनों पक्षों को उज्जवल बनाना सिखाता है। अणुव्रत समिति जोधपुर के अध्यक्ष डॉ. एकलव्य भंसाली ने अणुव्रत आचार संहिता का वाचन किया तथा डॉ. स्वाति शाह भंसाली एवं श्रीमती सुधा भंसाली ने अणुव्रत गीत प्रस्तुत किया।
काव्य गोष्ठी का आगाज़ युवा कवि राजेश अजनबी ने किया। उन्होंने अपनी कविता में अराजकता एवं अन्याय दूर करने पर जोर दिया। कवि गौतम के. गट्स ने गीत "दुःख न किसी को दिया करो" तथा अशफ़ाक़ फौजदार ने "पत्थरों के शहर" में कविता प्रस्तुत कर जोधपुर शहर का यशोगान किया।
कवि एवं रंगकर्मी प्रमोद वैष्णव ने अपनी व्यंग्य कविता सफल लेखक के गुर सुनाकर वाहवाही लूटी। डॉ. हस्तीमल आर्य 'हस्ती' ने "रंग बदलती इस दुनिया में" तथा कवयित्री रेणु श्रीवास्तव ने "ख्वाहिशें अथाह सपने हजार " और ऋचा शरद अग्रवाल ने कविता "बूंद बूंद से घट भरे " पढ़कर रंग जमाया।
कवि मोहन सिंह रतन ने राजस्थानी कविता एवं डिंगल के छंद सुनाए वहीं कवयित्री आशा पाराशर ने "तुम बस किताब के पन्ने पलटते जाओ" तथा संचालक मनशाह नायक ने सरस दोहों से एवं ओमप्रकाश गोयल ने गीत पढ़ते हुए से श्रोताओं का दिन जीत लिया।
संगोष्ठी के अध्यक्ष कवि सत्यदेव संवितेन्द्र ने गीत के साथ डिंगल की रचनाएँ प्रस्तुत की वहीं मुख्य अतिथि दशरथ सोलंकी ने कनेर पुष्प से सूर्य पूजा नहीं, लाल चंदन से वंदन" प्रस्तुत की । अंत में डॉ. स्वाति शाह भंसाली ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सरस संचालन ग़ज़लकार मनशाह नायक ने किया.