यादें लफ्जों में सिमट नहीं पाती

यादें लफ्जों में सिमट नहीं पाती

यादें लफ्जों में सिमट नहीं पाती।

THE BHASWAR TIMES 

BY:-ANJU JANGID RADHE 

यादें!!
गर आँसू होती तो चली जाती
गर लिखावट होती तो मिट जाती
यादे!!
जिंदगी में बसे वो लम्हे है
जो लाख कोशिशों के बावजूद भी
लफ़्ज़ों !!
में सिमट नहीं पाती