महाविद्यालय में पर्यावरण संरक्षण हेतु परिंडे, चुग्गा पात्र एवं घोंसला स्थापना कार्यक्रम सम्पन्न

महाविद्यालय में पर्यावरण संरक्षण हेतु परिंडे, चुग्गा पात्र एवं घोंसला स्थापना कार्यक्रम सम्पन्न

महाविद्यालय में पर्यावरण संरक्षण हेतु परिंडे, चुग्गा पात्र एवं घोंसला स्थापना कार्यक्रम सम्पन्न

वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही 

राजकीय कन्या महाविद्यालय, लाडनूँ में शनिवार को पर्यावरण संरक्षण एवं पक्षी संरक्षण के उद्देश्य से परिंडे, चुग्गा पात्र एवं कृत्रिम घोंसलों की स्थापना का सराहनीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर परिसर के नीम, खेजड़ी एवं पीपल जैसे छायादार वृक्षों की टहनियों पर परिंडे एवं चुग्गा पात्र लटकाए गए, जिससे पक्षियों को भीषण गर्मी के मौसम में जल एवं आहार की सहज उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप-अधीक्षक पुलिस जितेंद्र सिंह चारण* ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रकृति एवं जीव-जंतुओं के संरक्षण की दिशा में ऐसे छोटे-छोटे प्रयास भी व्यापक पर्यावरणीय संतुलन स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी छात्राओं से अपने-अपने घरों में भी परिंडे लगाने एवं नियमित रूप से जल-चुग्गे की व्यवस्था करने का आह्वान किया। कार्यक्रम संयोजक सुरेन्द्र कागट* ने बताया कि परिंडों एवं चुग्गा पात्रों की नियमित देखरेख एवं जल-आहार की व्यवस्था हेतु छात्राओं एवं स्टाफ सदस्यों ने स्वेच्छा से जिम्मेदारी ली है, जो अत्यंत सराहनीय पहल है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जो छात्राएं महाविद्यालय नहीं आ पाई एवं इस महाविद्यालय की पूर्व छात्राओं ने भी अपने घरों में तथा गाँव-गली के सार्वजनिक स्थानों पर परिंडे लगाकर उसके फोटो-वीडियो क्लिप्स पूर्व विद्यार्थी परिषद की सचिव अफसाना बानो के साथ साझा की है, वे बधाई की पात्र हैं।महाविद्यालय-प्राचार्य डॉ. गजादान चारण ने अपने उद्बोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन शैली का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए अपने-अपने घरों में भी परिंडे लगाने तथा पक्षियों के लिए सतत जल एवं दाना उपलब्ध कराने का आह्वान किया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में पर्यावरण संरक्षण, जीव-जंतु संवेदनशीलता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करना रहा।