गंगा सिंह झूपेलाव हत्याकांड: कब्जे के विरोध पर हमला, 13 में से 5 दोषी, आजीवन कारावास व ₹50 हजार जुर्माना
गंगा सिंह झूपेलाव हत्याकांड: कब्जे के विरोध पर हमला, 13 में से 5 दोषी, आजीवन कारावास व ₹50 हजार जुर्माना
सोजत। बहुचर्चित गंगा सिंह झूपेलाव हत्याकांड में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री दिनेश कुमार गढ़वाल ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए 13 आरोपियों में से 5 को दोषी ठहराया, जबकि 8 आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
अपर लोक अभियोजक पंकज त्रिवेदी के अनुसार, दिनांक 17 मई 2016 को योगेंद्र सिंह पुत्र गंगा सिंह ने थाना शिवपुरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना उस समय की है जब आरोपीगण सार्वजनिक पिचके व सार्वजनिक चौक पर तारबंदी कर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे। विरोध करने पर आरोपियों ने गंगा सिंह पर सामूहिक रूप से लाठी व लोहे के सरियों से हमला कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और बाद में उनकी मृत्यु हो गई।
मामले के विचारण के दौरान प्रस्तुत सशक्त साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर न्यायालय ने मुलजिम इंद्र सिंह, विक्रम सिंह, अर्जुन सिंह, भेरू सिंह एवं दलपत सिंह को दोषी पाया।
अभियोजन पक्ष द्वारा कुल 48 गवाहों के बयान लेखबद्ध कराए गए तथा 73 दस्तावेज/आर्टिकल प्रदर्शित किए गए, जिनसे अपराध सिद्ध हुआ।
न्यायालय ने दिनांक 29 अप्रैल (बुधवार) को खुले न्यायालय में निर्णय सुनाते हुए उक्त पांचों दोषियों को धारा 148, 323/149 एवं 304 (Part I) सपठित धारा 149 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत दोषसिद्ध कर आजीवन कारावास एवं ₹50 हजार जुर्माना से दंडित किया, जबकि शेष 8 आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
प्रकरण में अपर लोक अभियोजक पंकज त्रिवेदी ने प्रभावी पैरवी करते हुए अभियोजन पक्ष को मजबूती से प्रस्तुत किया।