सोजत में गुरु पूर्णिमा पर उमड़ा भक्तों का सैलाब केवल अपरोश आश्रम में हुआ भव्य आयोजन

सोजत में गुरु पूर्णिमा पर उमड़ा भक्तों का सैलाब केवल अपरोश आश्रम में हुआ भव्य आयोजन

सोजत में गुरु पूर्णिमा पर उमड़ा भक्तों का सैलाब केवल अपरोश आश्रम में हुआ भव्य आयोजन

वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही 

सोजत। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मंगलवार को सोजत स्थित केवल अपरोश आश्रम में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह से ही आश्रम परिसर "गुरु बिन ज्ञान न होय" के जयकारों से गूंज उठा। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने गुरु पूजन कर अपने जीवन को धन्य किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महामण्डलेश्वर डॉ. आचार्य ओम महाराज के सान्निध्य में हुआ। उन्होंने सर्वप्रथम आश्रम के संस्थापक महामण्डलेश्वर केवलराम जी की समाधि पर विशेष पूजा-अर्चना की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर गुरु परंपरा को नमन किया गया। इसके बाद गुरुदेव की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद लिया।

संत वाणी से भाव विभोर हुए भक्त

पूजन के पश्चात आयोजित सत्संग में महामण्डलेश्वर डॉ. आचार्य ओम महाराज ने गुरु के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु ही अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाला मार्ग है। गुरु की सेवा और उनके बताए मार्ग पर चलना ही सच्ची गुरु दक्षिणा है। संत वाणी सुनकर उपस्थित भगतगण भाव विभोर हो उठे। कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।
आश्रम में दिनभर भजन-कीर्तन का दौर चला। ढोलक और मंजीरे की थाप पर "गुरु गोविंद दोऊ खड़े" के भजन गूंजते रहे। महिलाओं और बच्चों ने भी भजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

भंडारा और विशेष व्यवस्थाएं

गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में आश्रम में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पीने के ठण्डे पानी, बैठने की विशेष व्यवस्था की गई। आश्रम समिति के सदस्यों ने पूरे दिन सेवाएं देकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
इस अवसर पर शहर के गणमान्य नागरिक, संतजन और बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा एवं बच्चे उपस्थित रहे। देर शाम तक आश्रम में दीपों की जगमगाहट और गुरु स्तुति के साथ माहौल भक्तिमय बना रहा।
आयोजकों ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पर हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई।