फिर किनारा वही हो
फिर किनारा वही हो
THE BHASWAR TIMES
BY -ANJU JANGID RADHE
फिर किनारा वही हो
जज्बातों की राह पे
तेरे मेरे एहसास बिखरे
जहाँ पे शुरू हो बस
खत्म कभी नहीं हो
!!
हाथों में हाथ हो
पगडण्डी व मंजिल
तेरी मेरी एक हो
झरनों का शोर हो
दबी सी मुस्कान
बस लबों पे हो
!!