बाल विवाह रोकथाम के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
Awareness program organized for prevention of child marriage
बाल विवाह रोकथाम के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित*
पाली, 06 अप्रेल। पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान जागृति सप्ताह के अंतर्गत सोमवार को महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक भागीरथ चौधरी के निर्देशानुसार राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, मानपुरा भाखरी में बाल विवाह रोकथाम को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत पन्नाधाय केंद्र की केंद्र प्रबंधक प्रियंका व्यास, परामर्शदाता एवं विधिक सलाहकार भाग्यश्री गहलोत तथा जिला विधिक सलाहकार मांगीलाल तंवर द्वारा विद्यालय के प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में की गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं तथा समुदाय को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर केंद्र प्रबंधक एवं परामर्शदाता ने बाल विवाह से संबंधित कानूनी प्रावधानों, कम उम्र में विवाह के कारण स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों तथा शिक्षा के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बालिकाओं को बताया गया कि कम उम्र में विवाह उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है तथा यह कानूनन अपराध है। उन्होंने बताया कि विवाह के लिए लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष तथा लड़की की 18 वर्ष निर्धारित की गई है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की छात्राओं ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया और बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्य, शीला कनौजिया, रामलाल सहित विद्यालय स्टाफ एवं बालक-बालिकाएं उपस्थित रहे।
[4/6, 4:01 PM] +91 89529 86984: *सचिव भाटी ने मानसिक विमंदित पुुनर्वास गृह, रामासिया का किया निरीक्षण*
पाली, 06 अप्रेल। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला न्यायाधीश) विक्रम सिंह भाटी, द्वारा रिद्धी सिद्धी सेवा संस्थान द्वारा संचालित मानसिक विमंदित पुनर्वास गृह, रामासिया की विजिट की गई।
सचिव भाटी द्वारा आश्रम में भोजन-पेयजल व्यवस्था, चिकित्सा व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, पुनर्वास करने की प्रक्रिया इत्यादि के संबंध में जानकारी ली। केयरटेकर निकी सागर ने बताया कि पुनर्वास गृह में मन्दबुद्धि बच्चों के आवास, भोजन, शिक्षण एवं योगा की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध हैं। दौराने विजिट रसोई की सफाई, कमरों की सफाई, स्नानघर एवं शौचालयों की साफ-सफाई, मौसम के अनुकूल व्यवस्था उचित पाई गई। पुनर्वास गृह में बालकों को संतुलित पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाया जाता है। सचिव भाटी ने पुनर्वास गृह से मानसिक विमंदित बच्चों के पुनर्वास के संबंध में भी जानकारी ली। साथ ही पुनर्वास गृह में मिलने वाली सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं तक बालकों की पहुंच सुगम रखने, समय-समय पर बालकों की चिकित्सकीय जांच करवाने, बच्चों के रूचि अनुरूप गतिविधियां करवाने तथा गर्मी के मौसम को देखते हुए मौसम अनुकूल व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान केयरटेकर निकी सागर, जीवनराम आदि उपस्थित रहें।