बेटियाँ अब चुप रहने नहीं, प्रखर जवाब देने को तैयार हों — नागपाल
बेटियाँ अब चुप रहने नहीं, प्रखर जवाब देने को तैयार हों — नागपाल
हालात सबके एक जैसे हो सकते हैं, किंतु हौसला अपना-अपना होता है — डॉ. चारण
लाडनूं। “अब चुपचाप सहने का समय नहीं रहा, बल्कि साहसपूर्वक बोलने और प्रखर जवाब देने का समय है। आत्मरक्षा केवल शारीरिक सुरक्षा ही नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता और आत्मविश्वास का भी नाम है। छात्राएँ इस प्रशिक्षण से जो कौशल लेकर जा रही हैं, उनका उपयोग अपने जीवन के साथ ही समाज की सुरक्षा और सशक्तिकरण में भी करें।” उक्त विचार राजकीय कन्या महाविद्यालय, लाडनूं में चल रहे आत्मरक्षा शिविर के समापन समारोह के मुख्य अतिथि उप-अधीक्षक पुलिस, लाडनूँ श्री विक्की नागपाल ने व्यक्त किए।

समारोह अध्यक्ष डॉ. गजादान चारण ने अपने उद्बोधन में कहा कि “हालात सबके एक जैसे हो सकते हैं, किंतु हौसला अपना-अपना होता है। कुछ लोग हालात से टूटकर बिखर जाते हैं, जबकि कुछ उन्हीं हालात से लड़कर निखर जाते हैं। भारत की वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई और पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा जैसी महिलाओं ने कठिन परिस्थितियों में साहस का परिचय देकर नई राह बनाई। यह आत्मरक्षा शिविर भी हमारी छात्राओं को संघर्षरत रहकर निखरने का मार्ग दिखाएगा।”
शिविर-समन्वयक सुरेन्द्र कागट ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया तथा बताया कुल चार सप्ताह की इस प्रशिक्षण अवधि में छात्राओं ने आत्मरक्षा के विविध गुर सीखे हैं। 27 अगस्त को पुलिस अधीक्षक डीडवाना श्रीमती ऋचा तोमर के मुख्य आतिथ्य में प्रारम्भ हुआ था। इसमें चालीस से अधिक छात्राओं ने आत्मरक्षा के व्यावहारिक कौशल सीखे। प्रशिक्षण में पुलिस विभाग एवं शारीरिक शिक्षा विभाग के कार्मिकों ने सेवाएँ दीं। ।

शिविर-प्रतिभागियों की ओर से छात्रा पूजा माली, सीमा चौधरी, शाहीन बानो एवं आफरीन ने आत्मरक्षा हेतु डेमो देने के साथ ही अपने अनुभव करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण से उनमें आत्मविश्वास, सजगता और सुरक्षा के प्रति नई चेतना का संचार हुआ है। इस अवसर पर प्रतिभागी छात्राओं को अतिथियों के कर-कमलों से प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। समापन अवसर पर अतिथियों ने प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समय-समय पर होते रहने चाहिए, ताकि बेटियाँ आत्मनिर्भर, सजग और सशक्त बन सकें। समारोह में पुलिस विभाग की महिला प्रशिक्षक सरिता सहित महाविद्यालय परिवार के डॉ. सारिका चूंडावत, डॉ. अनिता गोदारा, डॉ. मोनिका भाटी, डॉ. इरफान रजा, डॉ. ओमपालसिंह, डॉ. रणवीरसिंह, निहाल प्रजापत, भवानीसिंह राठौड़, सुनिल लोहिया उपस्थित रहे।