अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा को लेकर हुई मॉक ड्रिल जांची तत्परता*
अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा को लेकर हुई मॉक ड्रिल जांची तत्परता*
पाली 8 मई /गर्मी को देखते हुए सरकार के निर्देश पर सरकारी एवं निजी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा को लेकर 7 मई गुरुवार को व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित किया गया। साथ ही अग्नि सुरक्षा को लेकर अस्पतालों के कर्मचारी व चिकित्सा अधिकारियों को शपथ भी दिलाई गई।
सीएमएचओ डॉ विकास मारवाल ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य आगजनी की घटनाओं की रोकथाम, आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया तथा मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया का अभ्यास करना।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार तेज गर्मी के मौसम में आग लगने की संभावनाओं को देखते हुए सभी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। इस दौरान मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं निजी अस्पतालों में गुरुवार को 7 मई को फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल करवाई गई।
मॉक ड्रिल के दौरान सायरन बजाकर रेस्क्यू ऑपरेशन का प्रदर्शन किया गया तथा अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों की जांच की गई। इसमें शॉर्ट सर्किट एवं एसी ब्लास्ट जैसी घटनाओं से बचाव पर विशेष जोर रहा।
अस्पतालों में फायर सेफ्टी उपकरणों के संचालन, अग्निशमन यंत्रों की कार्यक्षमता तथा सुरक्षा मानकों की जांच की गई। साथ ही अस्पताल स्टाफ वार्ड बॉय एवं नर्सिंग कर्मचारियों को आपातकालीन स्थिति में कार्य करने के लिए प्रशिक्षित किया गया।
एडिशनल सीएमएचओ डॉ जीत कुमार गुर्जर ने बताया कि फायर सेफ्टी वीक के तहत विशेष अभियान
जिले में 4 से 10 मई तक फायर सेफ्टी वीक मनाया जा रहा है, जिसकी थीम "सुरक्षित विद्यालय एवं सुरक्षित अस्पताल" रखी गई है। इस अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ इमरजेंसी सेवाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस दौरान अस्पतालों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता कार्यक्षमता और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की जाएगी। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है।
सीएमएचओ डॉ विकास मारवाल ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।