भैरव कथा का अलौकिक उत्सव
शंख ध्वनि, ढोल-नगाडों की थाप और मंत्रोच्चार की गूंज के साथ शनिवार को आध्यात्मिक महामहोत्सव का समारंभ– जगद्गुरू वसंत विजयानन्द गिरी महाराज की पावन निश्रा में नौ दिवसीय दिव्य आयोजन– सर्व सिद्धि के लिए साधना, पूजा महालक्ष्मी यज्ञ भैरव कथा का अलौकिक उत्सव
पाली/मारवाड़ के पाली स्थित अणुव्रत नगर के विशाल मैदान पर नौ दिवसीय आधात्मिक महामहोत्सव का शुभारंभ 24 जनवरी शनिवार से पौराणिक सिद्ध परंपरा और विधान के साथ होने जा रहा है। यह अनूठा, अद्भुत, अद्वितीय धर्म महोत्सव होगा। कृष्णगिरी पीठाधीश्वर जगद्गुरू वसंत विजयानंद गिरी महाराज के पावन सानिध्य और मार्गदर्शन में इस नौ दिवसीय आध्यात्मिक महोत्सव में भारतवर्ष की पौराणिक सांस्कृतिक सनातन परंपरा, साधना, यज्ञ पद्धति के दिव्य दर्शन होंगे।
मां पद्मावती सेवा ट्रस्ट कृष्णगिरी तीर्थ पीठ के अध्यक्ष शंकेश जैन ने बताया कि मारवाड़ अंचल के लिए यह सौभाग्य का विषय है कि सर्व कल्याण के लिए अध्यात्म का इतना भव्य एवं दिव्य कार्यक्रम यहां 24 जनवरी शनिवार से 1 फरवरी रविवार तक आयोजित किया जा रहा है। जगद्गुरू वसंत विजयानन्द गिरी महाराज के श्रीमुख से दिव्य मंत्रोच्चार के साथ ढोल नगाड़ों और शंख ध्वनि की गूंज के बीच काशी के विद्वानों की उपस्थिति में विधि विधान से विराट महोत्सव का आरंभ होगा। प्रातः 11 बजे से जगद्गुरू देव की निश्रा में साधना होगी। गुरुदेव द्वारा साधकों को मंत्रों का महत्व, पद्धति के बारे में विशेष जानकारियां भी दी जाएगी। साधना में समृद्धि को आकर्षित करने वाले जीबू कॉइन पायरेट यंत्र सिद्ध करवाये जाएंगे। दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक सुख शांति समृद्धि के लिए महालक्ष्मी महायज्ञ विशेष विधान के अनुसार होगा। रात्रि 8 बजे से भैरव महापुराण कथा का जगद्गुरू वसन्त विजयानन्द गिरी महाराज के श्रीमुख से रसास्वादन श्रद्धालू करेंगे। कथा संगीतमयी होगी। कथा के मध्य गुरुदेव द्वारा श्रद्धालुओं को कई दुर्लभ चमत्कारी उपाय भी बताए जाएंगे। नौ दिनों तक यह भव्य और दिव्य आयोजन श्रद्धालुओं को भारत की सनातन शक्ति के दर्शन कराएगा। प्रतिदिन शाम 5 से 9 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था रहेगी।
दक्षिण शिल्प से बनी यज्ञ शाला भी आकर्षण का केंद्र–
महोत्सव में महालक्ष्मी यज्ञ के लिए तैयार यज्ञ शाला दक्षिण शिल्प का अद्भुत दर्शन कराती है। बांस और बल्लियों से 80 फीट ऊंची और 22 हजार 500 वर्गफीट क्षेत्रफल में यह यज्ञ शाला बनी है। यज्ञ में हजारों दिव्य ओषधियों हजारों किलो चंदन मेवे, दुर्लभ जड़ी बूटियों एवं वस्तुओं गाय के शुद्ध देसी घी से आहुतियां दी जाएगी। इसके अलावा 45 हजार वर्गफीट का कथा पांडाल 35 हजार वर्गफीट की भोजन शाला 10 हजार वर्गफीट का साधना हॉल तैयार किया गया है। हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन धर्म आराधना, साधना कथा प्रवचन का आनंद लेंगे। महोत्सव स्थल पर पार्किंग और जन सुविधा की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
जगद्गुरू देव ने लिया अंतिम तैयारी का जायजा-
महोत्सव आरंभ होने की पूर्व संध्या को जगद्गुरू देव वसन्त विजयानंद गिरी महाराज ने यज्ञ शाला कथा पांडाल साधना स्थल सहित परिसर में व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और कार्यकर्ताओं को दिशानिर्देश दिये।
20 देशों और 22 राज्यों के भक्त होंगे शामिल–
इस नौ दिवसीय महोत्सव में साधना, यज्ञ और कथा में शामिल होने के लिए जगद्गुरू वसंत विजयानंद गिरी महाराज के शिष्य भक्त लगभग 20 देशों से और भारत के 22 राज्यों से पहुंच रहे हैं। इसके अलावा राजस्थान सहित विभिन्न प्रांतों के भक्तों के आने का सिलसिला आरंभ हो गया है। बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं।