पूज्य दादा गुरु जी सद्गुरु आसाराम जी महाराज की 52 वीं बरसी महोत्सव पुण्यतिथि पर विशाल सत्संग संत सम्मेलन का आयोजन
पूज्य दादा गुरु जी सद्गुरु आसाराम जी महाराज की 52 वीं बरसी महोत्सव पुण्यतिथि पर विशाल सत्संग संत सम्मेलन का आयोजन
वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही
बड़ी खाटू। अखिल भारतीय कबीर मठ सदगुरु कबीर आश्रम सेवा संस्थान बड़ी खाटू के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत डॉ नानक दास जी महाराज ने बताया कि हमारे गुरु परंपरा में पूज्य दादा गुरु जी सद्गुरु आसाराम जी महाराज की 52 वीं बरसी महोत्सव पुण्यतिथि पर विशाल सत्संग संत सम्मेलन देवरी धाम सिद्ध पीठ पीठाधीश्वर गादीपति महंत श्री 1008 श्री रमैया दास जी महाराज के पावन सानिध्य में रखा गया है । साथ ही महा प्रशादी तीलाराम जी सारण रतकुड़िया की तरफ से रखी गई है।
बरसी महोत्सव
रात्रि सत्संग समारोह
विशाल संत समागम
दिनांक 12 मई 2026
ज्येष्ठ कृष्ण पक्षम दशम
को सतगुरु श्री आसाराम जी महाराज की समाधि स्थल रामद्वारा रतकड़िया जिला जोधपुर राजस्थान में संत वाणी पर पुजारी कन्हैयाराम जी महाराज कथा प्रसंग कर रहै है ।
परम तपस्वी सतगुरु श्री 1008 श्री भोलाराम जी महाराज (जीवित समाधि स्थल रतकुड़िया)के पांच परम शिष्यों में से थे ।
परम त्यागी तपस्वी स्वर ज्ञानी तत्व त्रिकालदर्शी भजनानंदी दादागुरु जी सतगुरु श्री 1008 श्री आशाराम जी महाराज की 52 वीं बरशी महोत्सव पर सादर नमन कोटी कोटी श्रद्धां भाव अर्पित करता हूं।
*सतगुरु श्री 1008 श्री आसाराम जी महाराज गांव रतकुड़िया आप विक्रम संवत 1988 में मंदिर वाले गोविंद दास जी वैष्णव के सुपुत्र के रूप में जन्म लिया ।
आप जन्म से ही भजन भाव करते थे । 2013 की साल घर बार छोड़कर पर्वतों की गुफाओं में जाकर एकांत 18 वर्ष एक चित होकर भजन किया*
सतगुरु भोलाराम जी महाराज ने शब्द सेन समझाय सूता को चेता दिया भादव शुद्ध छठ साल 2013 के माय।
पधारिया अंगने छोड़ो घर और बार , घर त्याग तीखी पधारिया तज्या मोह परिवार ।
जीवा को चेता दिया, खोलिया मोक्ष द्वार, सात दिवस रेन आसण कियो खड़े पांव आधार ।
त्याग वैराग कठिन हो ज्यारी रेहनी खांडाधार, साल 18 भजन कियो एक आसान एक सार। चेतन वाला चेतिया हंस पकड़ियों सार। अमर लोक रा अमर परवाना हंसा कर जोड़ सार दंडवत दिज्यो , परिक्रमा छूटेगी जब मार, सूरत शब्द एक घर लाओ, पावो मुक्ति द्वार, सदा रहो सही नेम से इस विद उत्तरों पार। 28 मास अन्न को तज्यो, मांस सूख पसलियां चमके, बरसे नूर अपार।।
64 वर्ष जग में बिसरे जीव उदारण तारण कारण दियो ज्ञान अपार । सब आज्जो सतलोक में मत पड़ रहीज्यों हार, देवी दास की विनती सुनज्यों संत सुजान , कर जोड़ अर्जी करूं लीज्यों मोह उभार । देव के में क्या कहूं मुख से कहो ना जाए।
सतगुरु श्री 1008श्री आशाराम जी महाराज सिधारिया मोक्ष को, सत्यलोक के माय।
अनंत ही हंस बधाविया , अमरलोक के माय। सत्य पुरुष के शरणे गया, धिन-धिन हो महाराज।
अनंत हंस पधारशी, सत भक्ति के साथ। सुणिया संत पधारिया, आया सब नर नार, दर्शन कर चकित भैया, होयो जय जय कार ।अनंत मानव हलचल मची, इत उत होम तपनी बनाय सता स्वरूपी अग्नि प्रवेश हो गई।
अधर भूमि विमान, से उसी जगह समाधि लगाई संता का परियाण।
व्रत खंड मरुधरा नगर रतकुड़िया माय ।।
सम्वत 2031 की साल ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष तिथि दशम गुरुवार को 10:00 बजे सतलोक सिधारे।
दर्शन अभिलाषी
गुरू परम्परा महंत डॉ नानक दास जी महाराज पुज्य गुरुदेव महंत श्री देवीदास जी महाराज
संत तरूण सागर महाराज बड़ी खाटू साहेब बंदगी प्रणा