पांच दिवसीय पाली साहित्य संगम और पुस्तक मेला का आयोजन
पांच दिवसीय पाली साहित्य संगम और पुस्तक मेला का आयोजन
पाली। शिक्षा विभाग एवं अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में जिला मुख्यालय स्थित अंबेडकर भवन , हाउसिंग बोर्ड में 1 से 5 मार्च तक पांच दिवसीय पाली साहित्य संगम और पुस्तक मेला का आयोजन किया जाएगा। पुस्तक मेले का समय सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक रहेगा।
स्टॉल्स रहेंगे मेले के मुख्य आकर्षण
साहित्य संगम और पुस्तक मेले में पुस्तकों के अलावा विभिन्न प्रकार के स्टॉल-कॉर्नर बनाए जाएंगे, जहां बच्चे रचनात्मक कार्य कर पाएंगे और शिक्षक व अन्य समुदाय के लोग अवलोकन कर पाएंगे। इसके तहत “पढ़ने के कोने” में विभिन्न स्तर की पुस्तकें पढ़ने और चर्चा करने का अवसर मिलेगा। वहीं “आर्ट एंड क्राफ्ट” की स्टॉल पर बच्चे अपनी सृजनात्मकता से विभिन्न प्रकार की कला-कृतियाँ का सृजन कर पाएंगे। बच्चों के लिए इस हेतु आवश्यक सभी प्रकार की सामग्री स्टॉल पर उपलब्ध करवाई जाएगी। रचनात्मक लेखन की स्टॉल पर बच्चे अपने अनुभवों और विचारों को लिखकर अभिव्यक्त करेंगे। विज्ञान संवाद में बच्चों को विज्ञान से संबन्धित ख़ोज और अवलोकन करने के अवसर रहेंगे तो गणित की स्टॉल पर बच्चों को आकर्षक तरीके से गणित की गतिविधियां करने का अवसर मिलेगा।
पढ़ने-लिखने की संस्कृति पर विमर्श 3 फरवरी को
साहित्य संगम और पुस्तक मेले में 3 फरवरी 2024 को शाम 5 से 7 बजे तक पढ़ने-लिखने की संस्कृति के विकास की आवश्यकता और महत्व पर विमर्श किया जाएगा। इस परिचर्चा में समुदाय के लोग यथा युवा और शिक्षक भागीदारी करेंगे। इस परिचर्चा में मोबाइल की दुनिया से निकलना क्यों आवश्यक हैं और पुस्तकें क्यों पढ़नी चाहिए इस पर विचार मंथन किया जाएगा। खुला मंच के माध्यम से लोग विभिन्न विधाओं में अपने विचार व्यक्त करेंगे। लोग खले मंच पर कवितायें, शायरी, गजल, के माध्यम से अपनी-अपनी भावभिव्यक्ति प्रस्तुत करेंगे।
नाटक के माध्मय से सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संदेश , “ओपन माइक ईवेंट” तथा लोक गीत कार्यक्रम
3 फरवरी को शाम 4 से 5 बजे युवाओं द्वारा घरेलू हिंसा और जेंडर भेद से होने वाली घटनाओं को लेकर नाटक का मंचन किया जाएगा तथा युवाओं को ओपन माइक ईवेंट के ज़रिये अपनी रचना प्रस्तुत करने का मौका दिया जाएगा जिसमें प्रतिभाग करने के लिए हाउसिंग बोर्ड स्थित अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के कार्यालय में मिलना होगा ।
4 फरवरी की शाम को शहर के कलाकार लोक गीतों तथा गज़लों की प्रस्तुति देंगे ।
:- अंतिम दिन-:
5 फरवरी को समापन के मौके पर सेमिनार का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पूरे जिले से लगभग 150 शिक्षक शिरकत करेंगे । और कुछ चयनित शिक्षक अपने पढ़ाने के कारगर तरीके साझा करेंगे।