बर्फ पिघलेगी जब पहाड़ों से

बर्फ पिघलेगी जब पहाड़ों से
बर्फ़ पिघलेगी जब पहाड़ों से तेरा मेरा वजूद दिखेगा

बर्फ़ पिघलेगी जब पहाड़ों से

THE BHASWAR TIMES 

BY -ANJU JANGID RADHE 

बर्फ़ पिघलेगी जब पहाड़ों से

तेरा मेरा वजूद दिखेगा

और वादी से कोहरा सिमटेगा

बीज अंगड़ाई लेके जागेंगे

अपनी अलसाई आँखें खोलेंगे

सब्ज़ा बह निकलेगा ढलानों पर

बर्फ पिघलेगी जब.....

गौर से देखना बहारों में

पिछले मौसम के भी निशाँ होंगे

कोंपलों की उदास आँखों में

आँसुओं की नमी बची होगी।

बर्फ पिघलेगी पहाड़ो.....