छात्रसंघ चुनाव पुनः बहाल करने की मांग

छात्रसंघ चुनाव पुनः बहाल करने की मांग

राजस्थान में छात्र नेतृत्व विकसित करने हेतु छात्रसंघ चुनाव पुनः बहाल करने एवं शिक्षा क्षेत्र से संबंधित विविध समस्याओं निराकरण हेतु  सौंपा ज्ञापन-पत्र

पाली /अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् का राजस्थान में छात्र नेतृत्व विकसित करने के लिए छात्रसंघ चुनाव पुनः बहाल करने एवं शिक्षा क्षेत्र से संबंधित विविध समस्याओं के निराकरण हेतु  उच्च शिक्षा  मंत्री प्रेमचंद बैरवा को जिला कलक्टर के माध्यम से  ज्ञापन सौंपा।                                             ज्ञापन में बताया गया कि  गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध एवं उत्तरदायी उच्च शिक्षा व्यवस्था ही प्रदेश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का आधार है। वर्तमान में राजस्थान की उच्च शिक्षा अनेक संरचनात्मक एवं प्रशासनिक चुनौतियों से गुजर रही है, जिनका प्रतिकूल प्रभाव लाखों विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य पर पड़ रहा है। विद्यार्थी हित एवं उच्च शिक्षा के समग्र विकास को दृष्टिगत रखते हुए विद्यार्थी परिषद छात्रसंघ चुनावों की शीघ्र बहाली की जाए।
राजस्थान में विगत कांग्रेस सरकार द्वारा छात्रसंघ चुनावों को निरंतर स्थगित कर लोकतांत्रिक परंपराओं को बाधित किया गया है। छात्रसंघ चुनावों के संबंध में राज्य सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों के माध्यम से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत तथ्यों एवं तकों के कारण भी चुनाव प्रक्रिया लंबे समय तक प्रभावित रही, जिससे लाखों विद्यार्थी अपने लोकतांत्रिकप्रतिनिधियों के चयन के अधिकार से वंचित रहे।
विश्वविद्यालय केवल ज्ञानार्जन के केंद्र नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक नेतृत्व निर्माण की प्रयोगशालाएँ भी हैं। छात्रसंघ चुनाव विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, उत्तरदाधित्व, संवाद, जनप्रतिनिधित्व एवं लोकतांत्रिक मूल्यों का विकास करते हैं। वर्तमान राज्य सरकार से पूर्ववर्ती सरकार की अलोकतांत्रिक नीति का परित्याग करते हुए शीघ्र छात्रसंघ चुनावों की घोषणा करे तथा प्रतिवर्ष नियमित एवं समयबद्ध रूप से चुनाव संपन्न कराने हेतु स्थायी व्यवस्था सुनिश्वित करे।
 समस्त राज्य विश्वविद्यालयों के लिए समान अकादमिक कैलेंडर लागू कर समयबद्ध शैक्षणिक व्यवस्था सुनिश्वित की जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन की आड़ में शैक्षणिक सत्र, परीक्षाओं एवं परिणामों में हो रहा अनावश्यक विलम्ब अत्यंत चिंताजनक है। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में समान अकादमिक कैलेंडर लागू कर प्रवेश, शिक्षण, परीक्षा, मूल्यांकन एवं परिणाम निर्धारित समयसीमा में संम्पन्न किए जाएँ।विश्वविद्यालयों में रिक्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक पदों पर नियमित नियुत्क्तित्तयों की जाएँ।शिक्षकों एवं कर्मचारियों के रिक्त पदों के कारण शिक्षण, शोध, परीक्षा एवं प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सभी स्वीकृत पदों पर पारदर्शी एवं समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ कर शीघ्र नियुक्तियाँ सुनिश्वित की जाएँ।
 प्रदेश के समस्त राजकीय महाविद्यालयों में नियमित प्राचायों की नियुक्ति की जाए।
कार्यवाहक व्यवस्था के स्थान पर स्थायी प्राचायों की नियुक्ति कर महाविद्यालयों में प्रभावी नेतृत्व, प्रशासनिक स्थिरता एवं शैक्षणिक गुणवत्ता सुनिश्वित की जाए।
प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में राजस्थानी भाषा के स्वतंत्र विभाग स्थापित किए जाएँ तथा विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की नियमित नियुक्ति की जाए।
राजस्थान की समृद्ध भाषा, साहित्य एवं लोकसंस्कृति के संरक्षण संवर्धन और शोध को प्रोत्साहित करने के लिए प्रत्येक विश्वविद्यालय में राजस्थानी विभाग की स्थापना तथा आवश्यक शैक्षणिक पदों का सूजन एवं नियमित भर्ती की जाए।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर राजस्थान की उच शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ समयबद्ध गुणवत्तापूर्ण एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में प्रभावी पहल करने का निवेदन किया।