सुनील गज्जाणी "चेहरा ज़हन में उतर जाए इतना क़रीब बैठते थे वो...." नामक कविता के लिए राज्य स्तर पर सम्मानित होंगे
"सुनील गज्जाणी "चेहरा ज़हन में उतर जाए इतना क़रीब बैठते थे वो...." नामक कविता के लिए राज्य स्तर पर सम्मानित होंगे |
वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही
संपर्क संस्थान, जयपुर द्वारा गत वर्ष "पिता" केंद्रित विषयक राज्य स्तरीय काव्य प्रतियोगिता के अंतर्गत सैंकडों कविताओं में से सुनील गज्जाणी की कविता जिसका पहला बंध इस प्रकार से है "चेहरा ज़हन में उतर जाए इतना करीब बैठते थे वो
ज़िंदगी कविता-सी मगर कहानियों में बयां करते थे वो " को प्रथम स्थान के लिए चयनित किया गया |
गौरतलब है संस्थान सचिव रेनु शर्मा मुखर के अनुसार यह सम्मान 8-9 अगस्त को मदन गंज -किशन गंज (अजमेर) में द्वि-दिवसीय समारोह के अंतर्गत प्रदान किया जायेगा |
हिंदी-राजस्थानी के साहित्यकार सुनील गज्जाणी की अब तक पांच पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है तथा कक्षा 7/8 में एनसीईआरटी के निजी पाठ्यक्रम के अंतर्गत बाल नाटक सम्मिलित रहा है | इसके अतिरिक्त अनेक भाषाओं में गज्जाणी की रचनाओं का अनुवाद हो चुका है तथा प्रदेश-राष्ट्रीय स्तर पर अनेक सम्मान-पुरस्कार-मानद उपाधियां से विभूषित हो चुके हैं |